वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपनी विदेश और आर्थिक नीति में एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए ईरान (Iran) पर रूस वाला फॉर्मूला लागू कर दिया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि दुनिया का जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखेगा, उसे अमेरिका के साथ किए जाने वाले अपने व्यापार पर भारी वित्तीय दंड भुगतना होगा।
ईरान से कारोबार करने वालों पर 25% टैरिफ
नए आदेश के तहत ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर तत्काल प्रभाव से 25 प्रतिशत टैरिफ (अतिरिक्त शुल्क) लगा दिया गया है। यह फैसला वैश्विक व्यापार समीकरणों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का ऐलान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Social Media Platform Tooth) पर इस फैसले की जानकारी देते हुए इसे अंतिम और निर्णायक करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो भी देश ईरान के साथ किसी भी तरह का लेन-देन करेगा, उसे अमेरिका के साथ व्यापार में इस अतिरिक्त कर का सामना करना पड़ेगा।
भारत समेत कई देशों पर पड़ेगा असर
ट्रंप के इस कड़े फैसले का सीधा असर भारत समेत उन देशों पर पड़ सकता है जिनके ईरान के साथ पुराने और मजबूत व्यापारिक संबंध हैं। हालांकि अमेरिका ने फिलहाल किसी देश का नाम लेकर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह आदेश सभी सहयोगी और व्यापारिक भागीदारों पर समान रूप से लागू होता दिख रहा है।
भारत-ईरान के मजबूत व्यापारिक रिश्ते
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार भारत और ईरान बड़े कारोबारी साझेदार हैं। भारत ईरान को चावल, चाय, चीनी, दवाएं, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और कृत्रिम आभूषण निर्यात करता है, जबकि ईरान से सूखे मेवे, कार्बनिक-अकार्बनिक रसायन और कांच के सामान का आयात करता है।
ईरान में हिंसा बनी सख्ती की वजह
ईरान (Iran) के खिलाफ इस कड़े रुख के पीछे वहां चल रहे आंतरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को मुख्य कारण माना जा रहा है। अधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक, प्रदर्शनों में अब तक लगभग 600 लोगों की मौत हो चुकी है।
परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप की सख्त शर्तें
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि हिंसक कार्रवाई के बाद ईरान बातचीत की पेशकश कर रहा है, लेकिन अमेरिका ने उसके परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल बेड़े को लेकर बेहद सख्त शर्तें रखी हैं।
सैन्य और साइबर विकल्पों पर भी विचार
व्हाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, आर्थिक प्रतिबंधों के अलावा ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ साइबर हमले और सीधे सैन्य कार्रवाई जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।
Read Also : PM-शौर्य यात्रा में पीएम मोदी का सांस्कृतिक संदेश, डमरू बजाकर किया अभिवादन
वैश्विक देशों के लिए नई चुनौती
मौजूदा हालात में चीन, ब्राजील, तुर्किए और रूस के साथ-साथ भारत के लिए भी अपनी व्यापारिक रणनीतियों को संतुलित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
Read More :