अभी पूरी ताकत दिखाना बाकी”
तेल अवीव/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प(Trump) ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ जारी यह संघर्ष अगले 4 से 5 हफ्तों तक चल सकता है। ट्रम्प ने दुनिया को आगाह करते हुए कहा कि अमेरिका ने अभी तक अपनी पूरी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल(Use) नहीं किया है और ईरान पर “सबसे बड़ा हमला” होना अभी बाकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी और आधुनिक सेना है, जो किसी भी लंबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह सक्षम है।
ईरान का पलटवार: 4 देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला
जंग के तीसरे दिन ईरान ने अपनी आक्रामकता बढ़ाते हुए मध्य-पूर्व के 4 अलग-अलग देशों में स्थित 6 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस तनावपूर्ण स्थिति(Stressful Situation) के बीच कुवैत में एक बड़ी चूक सामने आई, जहाँ कुवैती सेना(Trump) ने गलती से 3 अमेरिकी फाइटर जेट्स को ‘दुश्मन का विमान’ समझकर मार गिराया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी अमेरिकी पायलट सुरक्षित हैं। वहीं, ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
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भारी तबाही और हताहतों के आंकड़े
अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल और अमेरिका ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से अधिक ठिकानों पर 2000 से ज्यादा बम बरसाए हैं। इस भीषण बमबारी(Trump) में अब तक 555 ईरानी नागरिकों और अधिकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से अधिक लोग घायल हैं। युद्ध के पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत ने ईरान को बड़ा झटका दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल फोर्सेस ने पुष्टि की है कि ईरानी हमलों में अब तक 6 अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है।
कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट्स के क्रैश होने का मुख्य कारण क्या था?
कुवैत में 3 अमेरिकी फाइटर जेट्स तकनीकी खराबी से नहीं, बल्कि ‘फ्रेंडली फायर’ के कारण क्रैश हुए। कुवैती सुरक्षा बलों ने पहचान में गलती (Misidentification) करते हुए इन विमानों को दुश्मन का हमलावर विमान समझ लिया और उन पर निशाना साधा।
युद्ध के तीसरे दिन ईरान की कूटनीतिक स्थिति क्या है?
ईरान ने कूटनीतिक स्तर पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अमेरिका के साथ कोई समझौता या बातचीत नहीं करेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह संघर्ष अभी और हिंसक हो सकता है।
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