తెలుగు | Epaper

Breaking News: White House: व्हाइट हाउस के पास आतंकी हमला

Dhanarekha
Dhanarekha
Breaking News: White House: व्हाइट हाउस के पास आतंकी हमला

2 नेशनल गार्ड्स घायल, ट्रम्प ने अफगान शरणार्थियों की एंट्री रोकी

वाशिंगटन: बुधवार को अमेरिका में व्हाइट हाउस(White House) के पास नेशनल गार्ड्स के 2 जवानों को गोली मारी गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प(Donald Trump) ने इस घटना को ‘आतंकी हमला’ करार दिया है और तुरंत प्रभाव से अफगान शरणार्थियों की अमेरिका में एंट्री रोकने का ऐलान कर दिया है। हमले में शामिल संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है और एफबीआई (FBI) इस मामले की आतंकी हमले के तौर पर जांच कर रही है

हमले का विवरण और हमलावर की पहचान

हमले की घटना: यह घटना फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुई। हमलावर ने दोपहर 2:15 बजे के आसपास गोलीबारी शुरू कर दी। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, उसने पहले एक महिला गार्ड को सीने में और फिर सिर में गोली मारी, जिसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर भी फायर किया। पास ही मौजूद तीसरे गार्ड ने जवाबी फायरिंग की और हमलावर को काबू कर लिया गया।

संदिग्ध की पहचान और बैकग्राउंड: हमलावर की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल (29) के तौर पर हुई है, जिसे हिरासत में लिया गया है। वह अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और उसे अप्रैल 2025 में शरणार्थी का दर्जा मिला था। लाकनवाल के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह अमेरिका आने से पहले 10 साल तक अफगान सेना में काम कर चुका था और उसने अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के साथ मिलकर भी ऑपरेशन किए थे।

घायल सैनिक: हमले में घायल हुए एक जवान की पहचान एंड्रयू वोल्फ के तौर पर हुई है, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

ट्रम्प की प्रतिक्रिया और सख्त कदम

White House

आतंकी घटना और चेतावनी: राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस घटना को ‘आतंकी घटना’ और ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने ट्रुथ पर लिखा कि वह और उनकी टीम नेशनल गार्ड और सुरक्षा बलों के साथ है, और आरोपी को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने पेंटागन को वॉशिंगटन(White House) DC में 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड्स भेजने का निर्देश भी दिया।

इमिग्रेशन प्रोसेस पर रोक: हमले के तुरंत बाद, ट्रम्प ने अफगान नागरिकों की इमिग्रेशन से जुड़ी सभी प्रोसेस तुरंत रोकने का ऐलान कर दिया। अमेरिकी सिटिजन और इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने घोषणा की कि सभी इमिग्रेशन रिक्वेस्ट को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। एजेंसी ने कहा कि सुरक्षा से जुड़ी जांच और वेटिंग सिस्टम की दोबारा समीक्षा की जाएगी, और अमेरिकी जनता की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

पिछली सरकार पर आरोप: ट्रम्प ने एक वीडियो मैसेज में कहा कि संदिग्ध अफगानिस्तान से आया एक विदेशी है और उन्होंने पिछली सरकार (बाइडेन प्रशासन) की आलोचना की, यह दावा करते हुए कि 2 करोड़ ऐसे विदेशी देश में घुसे, जिनकी ठीक से जाँच नहीं हुई।

जांच और नेशनल गार्ड की तैनाती का विवाद

जांच की दिशा: अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट और एफबीआई (FBI) दोनों ही इस मामले को आतंकवादी हमले के तौर पर जांच रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि लाकनवाल ने अकेले ही यह हमला किया और उसका मकसद अभी तक साफ नहीं हुआ है।

अन्य पढ़े: पूर्व PM शेख हसीना को दोहरी सज़ा

नेशनल गार्ड विवाद: यह घटना ऐसे समय में हुई है जब वॉशिंगटन(White House) डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती पहले से ही विवाद का विषय रही है। ट्रम्प प्रशासन ने बढ़ते अपराध को देखते हुए अगस्त में गार्ड्स को बुलाया था। पिछले हफ्ते एक संघीय जज ने उनकी तैनाती खत्म करने का आदेश दिया था, जिसे अपील की गुंजिश देखते हुए 21 दिन के लिए रोक दिया गया था।

व्हाइट हाउस के पास हुए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अफगान शरणार्थियों के संबंध में क्या तत्काल फैसला लिया है?

राष्ट्रपति ट्रम्प ने हमले के बाद अफगान नागरिकों की इमिग्रेशन से जुड़ी सभी प्रोसेस को तुरंत रोकने का ऐलान किया है। अमेरिकी सिटिजन और इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने कहा है कि सुरक्षा से जुड़ी जाँच और वेटिंग सिस्टम की समीक्षा पूरी होने तक यह रोक जारी रहेगी।

हमले में शामिल संदिग्ध रहमानुल्लाह लाकनवाल का पूर्व सैन्य अनुभव क्या था?

लाकनवाल के एक रिश्तेदार के अनुसार, अमेरिका आने से पहले वह 10 साल तक अफगान सेना में काम कर चुका था। इस दौरान उसने अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के साथ मिलकर ऑपरेशन भी किए थे और कंधार के एक बेस पर तैनात रहा था।

अन्य पढ़े:

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870