31 मई 2025, भोपाल
भोपाल, मध्य प्रदेश की राजधानी, आज एक ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण दिन का गवाह बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ में हिस्सा लिया। जंबूरी मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक महिलाओं ने भाग लिया, जिनमें 15,000 महिलाओं ने सिंदूरी साड़ियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पीएम का स्वागत किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जो राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्रदान करेंगी।
विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भोपाल दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सबसे प्रमुख थी इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर का वर्चुअल उद्घाटन।
यह 6 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर 7,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इंदौर मेट्रो परियोजना का हिस्सा है, जिसमें पांच स्टेशन शामिल हैं। यह मेट्रो लाइन इंदौर में यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देगी।
इसके अलावा, पीएम ने सतना और दतिया में दो नए हवाई अड्डों का लोकार्पण किया। इनके शुरू होने से मध्य प्रदेश में हवाई अड्डों की संख्या छह से बढ़कर आठ हो गई है। ये हवाई अड्डे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे और पर्यटन व व्यापार को प्रोत्साहन देंगे।
प्रधानमंत्री ने उज्जैन की क्षिप्रा नदी पर 778 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली घाट परियोजना की आधारशिला भी रखी। यह परियोजना तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं को बढ़ाएगी और क्षिप्रा नदी के किनारों को सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यावरणीय रूप से संरक्षित करेगी। यह परियोजना खास तौर पर उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर के पूरक के रूप में देखी जा रही है, जो पहले से ही तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ा आकर्षण है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ में प्रधानमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, “लोकमाता अहिल्याबाई ने 300 साल पहले नारी शक्ति को नई दिशा दी थी। उनका जीवन सामाजिक सुधार, धर्म, और विकास का प्रतीक है। आज हम उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
पीएम ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं, जैसे लखपति दीदी, स्वयं सहायता समूह (SHG), और उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 1.25 लाख स्वयं सहायता समूहों ने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, और इनमें से कई महिलाएँ अब ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
भोपाल में सुरक्षा और आयोजन
इस कार्यक्रम के लिए भोपाल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 50% से अधिक महिला पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा की कमान संभाली, जो महिला सशक्तिकरण के इस आयोजन के थीम के अनुरूप था। जंबूरी मैदान को भव्य रूप से सजाया गया था, और 15,000 महिलाओं ने सिंदूरी साड़ियों में एक अनूठा नजारा प्रस्तुत किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्यपाल मंगुभाई पटेल, और अन्य वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री का यह दौरा मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। लोकमाता अहिल्याबाई की जयंती न केवल हमारी संस्कृति को सम्मान देती है, बल्कि यह विकास और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी है।”