Latest News : नवरात्रि में सपना बना चमत्कार, खेत से निकले दो शिवलिंग

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शिवलिंग
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खबर बदायूं से है. दावा किया जा रहा है कि चमत्कारिक रूप से यहां खुदाई के बाद दो (Shivalinga) शिवलिंग निकले हैं. बताया जा रहा है कि 14 साल के लड़के को सपना आया था. उसके बाद उसने दो दोस्तों संग मिलकर उस जगह खुदाई की. थोड़ी देर बाद वहां से दो शिवलिंग निकले तो पूरा गांव देखता ही रह गया।

उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) में 14 साल के लड़के ने दो दोस्तों संग गांव में एक जगह खुदाई की. दरअसल, उसे रात को एक सपना आया था. बताया जा रहा है कि सपने में खुद भगवान शिव ने उसे दर्शन दिए और वो जगह बताई. कहा कि वहां दो शिवलिंग हैं. अगली सुबह लड़ने ने जब उस जगह खुदाई की तो वाकई वहां से दो शिवलिंग निकले

यह बात पूरे गांव में फैल गई. जमीन में शिवलिंग निकलने की खबर पर लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई है और लोग जलाभिषेक (Jalabhishek) कर रहे हैं. मामला बदायूं के छोटे से गांव मिर्जापुर मोहसनपुर का है. यहां रहने वाले उमेश के खेत में जमीन से शिवलिंग निकलने का दावा किया जा रहा है।

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उमेश के 14 वर्षीय पुत्र अखिलेश के मुताबिक उसे पहले शुक्रवार को सपना आया कि आपके खेत में शिवलिंग है. मगर तब उसने इस बात पर ध्यान नहीं दिया. लेकिन सोमवार को दोबारा वैसा ही सपना आया. भगवान शिव ने उसे सपने में कहा कि तुम्हारे खेत में शिवलिंग हैं।

लोग मांग रहे मन्नतें

इस बार उसने सोचा कि क्यों न खुदाई की जाए. अखिलेश ने अपने दो दोस्तों को बुलाया. तीनों ने फिर खेत में खुदाई शुरू की. वो भी घर वालों को बताए बिना. तब अचानक उन्हें खेत से दो शिवलिंग मिले. जैसे ही ये खबर गांव में फैली, लोगों की भीड़ वहां आ पहुंची।

लोगों इसे ईश्वर का चमत्कार मानकर पूजा अर्चना शुरू कर दी. वहीं, गांव के कुछ शिवभक्तों ने कांवड़ लाकर जलाभिषेक भी किया है. शिवलिंग निकलने की सूचना पर गांव व आसपास के तमाम शिवभक्तों की भीड़ पहुंच पूजा अर्चना कर रही है और लोग मन्नतें मांग रहे हैं।

शिवलिंग की असली कहानी क्या है?

इतिहास कई हजार वर्षों पुराना है। सभी देव देवताओं में शिव ही एकमात्र भगवान हैं जिनके लिंग स्वरूप की आराधना की जाती है। दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार, इसका इतिहास समुद्र मंथन से जुड़ा है।समुद्र मंथन के समय जब विष की उत्पत्ति हुई तो समस्त ब्रह्माण की रक्षा के लिए उसे महादेव द्वारा ग्रहण किया गया।

शिवलिंग की उत्पत्ति कहाँ हुई थी?

उत्पत्ति सिंधु घाटी सभ्यता की खुदाई के दौरान कालीबंगा और अन्य खुदाई के स्थलों पर मिले पकी मिट्टी के शिवलिंगों से प्रारंभिक शिवलिंग पूजन के सबूत मिले हैं। सबूत यह दर्शाते हैं कि शिवलिंग की पूजा 3500 ईसा पूर्व से 2300 ईसा पूर्व भी होती थी।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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