Supreme Court के आदेश के बाद SIT जाँच में सहयोग करेगा वनतारा !

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वंतारा
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 25 अगस्त 2025 को गुजरात के जामनगर में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित वंतारा वन्यजीव बचाव और पुनर्वास केंद्र के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया।

यह आदेश दो जनहित याचिकाओं (PIL) के जवाब में आया, जिनमें वंतारा पर अवैध रूप से वन्यजीवों, विशेष रूप से हाथियों, के अधिग्रहण, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन, और वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगाए गए

SIT का नेतृत्व करेंगे पूर्व जज जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर

SIT का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर करेंगे, और इसमें जस्टिस राघवेंद्र चौहान, पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले और अतिरिक्त आयुक्त (सीमा शुल्क) अनीश गुप्ता शामिल हैं। SIT को 12 सितंबर 2025 तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, और मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

वंतारा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि वह जांच में पूर्ण सहयोग करेगा और पारदर्शिता, करुणा और कानून के अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा। संगठन ने जोर दिया कि उसका मुख्य उद्देश्य जानवरों का बचाव, पुनर्वास और देखभाल है।

वंतारा ने यह भी अनुरोध किया कि जांच प्रक्रिया को बिना अटकलबाजी के आगे बढ़ने दिया जाए ताकि जानवरों के हितों की रक्षा हो सके। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कोल्हापुर, महाराष्ट्र में एक 36 वर्षीय हथनी, महादेवी (मधुरी), को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जुलाई में वंतारा स्थानांतरित किया गया, जिसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

15 सितंबर को अगली सुनवाई

बता दें कि सोमवार को शीर्ष अदालत ने गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा प्राणी बचाव एवं पुनर्वास केंद्र में जानवरों के अवैध अधिग्रहण और उनके साथ दुर्व्यवहार के आरोपों की तथ्य-खोजी जांच करने के लिए न्यायमूर्ति जस्ती चेलमेश्वर की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने विशेष जांच दल को अपनी जांच पूरी करके 12 सितंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है। 

शीर्ष अदालत ने कहा कि चार सदस्यीय विशेष जांच दल वन्यजीव संरक्षण कानूनों के अनुपालन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों, पशु कल्याण मानकों और पर्यावरण संबंधी चिंताओं जैसे मुद्दों की भी जांच करेगा और रिपोर्ट देगा।

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