Latest News Bihar : बिहार में दो नेताओं के समर्थकों के बीच संघर्ष

Read Time:  1 min
Bihar
Bihar
FONT SIZE
GET APP

कुर्सियों के वार से माहौल हुआ तनावपूर्ण

Bihar : बिहार में दो राजनीतिक नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए। झड़प इतनी तीव्र हुई कि दोनों तरफ से कुर्सियां फेंकी गईं और माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया।

मंत्री जी ने मंच से की अपील

शांति बनाए रखने की मांग- इस घटना के बीच मंत्री जी ने मंच से सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विवाद को सुलझाने के लिए संयम और समझदारी जरूरी है

बिहार (Biha) के सारण जिला के सोनपुर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब (NDA) के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान दो नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए। दोनों नेताओं के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की के साथ कुर्सियां फेंकी जाने लगीं। ये पूरा मामला गंगाजल स्थित उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यकर्त्ता सम्मेलन का है। 

कुर्सियां फेंक कर मारी गईं

जहां बड़ी संख्या में एनडीए के घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता जुटे थे। इसी बीच अचानक विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होने लगी और कुर्सियां तक चल गईं।

किसी बात को लेकर हो गई बहस

जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता पंकज सिंह और पूर्व विधायक विनय सिंह के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। बहस धीरे-धीरे तीखी नोकझोंक में बदल गई और देखते ही देखते कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ गए। 

तनावपूर्ण हो गया माहौल

इस दौरान हाथापाई के साथ ही कुर्सियां भी फेंकी जाने लगीं। कुछ देर तक माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण रहा और मैदान में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति को काबू में करने की कोशिश की। 

मंत्री ने अनुशासन बनाए रखने की अपील की

इसी दौरान राज्य सरकार के मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने मंच से माइक पर अनाउंस कर दोनों पक्षों के समर्थकों को शांत कराया। मंत्री ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी।

सोनपुर का इतिहास क्या है?सोनपुर मेले का इतिहास

इस मेले का आयोजन प्राचीनकाल से हो रहा है। इस मेले में लगभग 2500 वर्ष पहले से लोग पशुओं की खरीद-बिक्री करने और अदला-बदली करने के लिए आते थे। वे अपनी जरूरत के मुताबिक पशुओं को लेकर यहाँ से जाते थे। आदिकाल में महान सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य इस मेले से हाथी और घोड़े खरीद कर ले जाया करते थे।

सोनपुर में कौन सी भाषा बोली जाती है?

सोनपुर, बिहार (Bihar)

अन्य पढ़ें:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।