Latest Hindi News : Cyber Fraud-बेंगलुरु में आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर बड़ी ठगी

Read Time:  1 min
बेंगलुरु
बेंगलुरु
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली,। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) को एक स्वघोषित आयुर्वेदिक हीलर ने सेक्सुअल समस्याओं का इलाज करने के नाम पर 48 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना दिया। पीड़ित की शिकायत ज्ञानभारती पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।

महंगी और कथित हानिकारक दवाओं के नाम पर वसूले लाखों

शिकायतकर्ता ने बताया कि ठग ने उसे दुर्लभ हर्बल दवाएं बताकर भारी भरकम रकम वसूल ली, जिनके सेवन से उसकी सेहत भी बिगड़ गई। ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिनमें खासतौर पर पढ़े-लिखे युवा ठगों के जाल में फंस जाते हैं।

शादी के बाद शुरू हुई निजी समस्या, खोजा उपचार

शिकायत के अनुसार युवक की शादी मार्च 2023 में हुई थी। कुछ महीनों बाद उसे निजी समस्या हुई, जिसके लिए वह केंगरी स्थित एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल (Multispeciality Hospital) में इलाज करा रहा था। 3 मई को उल्लाल में लॉ कॉलेज के पास से गुजरते समय उसे सड़क किनारे एक तंबू पर ऐसा पोस्टर दिखा, जिसमें सेक्सुअल समस्याओं का तुरंत समाधान करने का दावा किया गया था।

सड़क किनारे तंबू में मिला कथित “विजय गुरुजी”

पीड़ित जब तंबू के अंदर गया, तो एक व्यक्ति ने उसे एक आयुर्वेदिक हीलर, विजय गुरुजी से मिलवाने का दावा किया। उसी शाम एक व्यक्ति आया और खुद को विजय गुरुजी बताते हुए पीड़ित की जांच की।

‘देवराज बूटि’ के नाम पर शुरू हुई ठगी

गुरुजी ने कहा कि युवा की समस्या का समाधान केवल “देवराज बूटि” नामक दुर्लभ जड़ी में है, जो हरिद्वार से आती है और सिर्फ यशवंतपुर की एक मेडिसिन शॉप पर मिलती है।

  • दवा की कीमत बताई गई – 1.6 लाख रुपये प्रति ग्राम
  • भुगतान – केवल नकद
  • खरीदते समय कोई साथ न लाने की चेतावनी भी दी गई

पीड़ित ने माता-पिता से पैसे लेकर दवा खरीदी और सेवन शुरू किया।

महंगे तेल और अतिरिक्त जड़ी के नाम पर वसूली जारी

इसके बाद गुरुजी ने उसे 76,000 रुपये प्रति ग्राम वाला “आयुर्वेदिक तेल” खरीदने पर मजबूर किया।
धीरे-धीरे उससे 17 लाख रुपये वसूल लिए गए। फिर 18 ग्राम अतिरिक्त देवराज बूटि लेने के लिए उसे बैंक से 20 लाख रुपये का कर्ज लेना पड़ा। बाद में “देवराज रसाबूटि” नामक एक और दवा लेने का दबाव बनाया गया, जिसकी कीमत 2.6 लाख रुपये प्रति ग्राम बताई गई। इसके लिए उसने दोस्तों से 10 लाख रुपये उधार लिए। कुल मिलाकर 48 लाख रुपये दवाओं पर खर्च हो गए।

दवाओं से तबीयत बिगड़ने पर खुली पोल

जब किसी भी दवा से लाभ नहीं मिला, तो पीड़ित ने अस्पताल में जांच कराई। रिपोर्ट में किडनी संबंधी समस्या सामने आई। उसका आरोप है कि तथाकथित जड़ी-बूटियों के सेवन ने उसकी सेहत और बिगाड़ दी।

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू

पीड़ित ने विजय, दवा दुकान के मालिक और उस आदमी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिसने उसे तंबू में भेजा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि इलाज के नाम पर सक्रिय ऐसे ठगों से सावधान रहें।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।