बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर विद्वान धीरेंद्र शास्त्री 20 अक्टूबर से ‘सनातन जोड़ो यात्रा’ आरंभ करने जा रहे हैं। यह सफ़र दिल्ली से वृंदावन तक 140 किलोमीटर लंबी होगी और आठ दिनों तक चलेगी। इसका मुखिया उद्देश्य हिन्दुस्तान को हिंदू राष्ट्र बनाना, जाति संबंधी पक्षपात को समाप्त करना और हिंदू समाज को संयुक्त करना है।
धीरेंद्र शास्त्री यात्रा का उद्देश्य और महत्व
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस सफ़र के जरिए वे देशभर के हिंदुओं को चैतन्य करना चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि हिंदू समाज व्यवस्थित नहीं हुआ, तो उसे समस्याएं को टकराना पड़ेगा। बाबा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा है इंडिया को सनातन कीमत के आधार पर बलवान बनाना।

मुर्शिदाबाद अन्याय पर धीरेंद्र शास्त्री की जवाब
बुधवार, 16 अप्रैल को धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई अन्याय पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इलज़ाम लगाया कि वहां हिंदुओं पर व्यवस्थित आक्रमण हो रहे हैं और उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है। बाबा ने सावधानी दी कि अब हिंदू संघ अकेला नहीं है और वक्त आने पर पक्का प्रतिक्रिया देगा।
समर्थकों में भारी उत्साह
धीरेंद्र शास्त्री की इस सनातन जोड़ो सफ़र को लेकर उनके समर्थक में कठिन अध्यवसाय है। बड़ी संख्या में लोगों के इस पदयात्रा में भागीदार होने की मुमकिन जताई जा रही है।