WB- चुनाव आयोग का एक्शन- सीएम ममता के भाषण पर मांगी रिपोर्ट, एसआई निलंबित

Read Time:  1 min
सीएम ममता
सीएम ममता
FONT SIZE
GET APP

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आते ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां और चुनावी हिंसा को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) के विवादित भाषण पर रिपोर्ट तलब की गई है, वहीं कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में एक पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।

ममता बनर्जी के भाषण पर आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से ममता बनर्जी के उस भाषण पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जो उन्होंने दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में एक जनसभा के दौरान दिया था। आरोप है कि उन्होंने अपने संबोधन में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को कथित तौर पर धमकाया। वीडियो साक्ष्यों के आधार पर यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने महिलाओं और लड़कियों से मतदान केंद्रों पर डटे रहने और जरूरत पड़ने पर घरेलू उपकरणों का इस्तेमाल करने की बात कही।

आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की जांच

आयोग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है कि क्या यह बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है या नहीं। चुनावी माहौल को देखते हुए आयोग किसी भी तरह की भड़काऊ बयानबाजी पर सख्त नजर रखे हुए है।

इंस्पेक्टर सस्पेंड, लापरवाही पर गिरी गाज

समानांतर कार्रवाई करते हुए आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अविजित पॉल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 26 मार्च को बासंती बाजार इलाके में हुई हिंसक घटना के बाद की गई। आयोग के अनुसार, पर्याप्त केंद्रीय बल मौजूद होने के बावजूद इंस्पेक्टर ने अतिरिक्त सुरक्षा नहीं मांगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहे।

हिंसा पर सियासत तेज, आरोप-प्रत्यारोप

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब ने इस हमले को सुनियोजित बताते हुए राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस (Trinmul Congress) पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने पार्टी कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया और इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। वहीं सत्तारूढ़ दल ने इन आरोपों को चुनावी हथकंडा करार दिया है।

23 और 29 अप्रैल को मतदान, 4 मई को नतीजे

राज्य में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। फिलहाल, भारत निर्वाचन आयोग की सख्त कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि चुनाव के दौरान हिंसा या भड़काऊ बयानबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।