सहरसा । बिहार के सहरसा में गुरुवार को पावर सब स्टेशन के लिए चयनित जमीन से अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। भीड़ के आक्रोश से पुलिस को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा, जबकि बीडीओ (BDO) और सीओ (CO) की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। प्रशासन ने बढ़ते तनाव को देखते हुए जेसीबी से जारी कार्रवाई तुरंत रोक दी।
उग्र भीड़ ने सरकारी वाहन तोड़े
नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित पावर सब स्टेशन (Power sub Station) की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोग उग्र हो गए। पुलिस और प्रशासन ने पहले समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। सोनवर्षा के बीडीओ, सीओ, बसनहीं थाना और फायर ब्रिगेड के वाहन तोड़ दिए गए। कुछ अधिकारियों के हल्के जख्म होने की खबर मिली, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की।
अतिक्रमण हटाने गई पुलिस प्रशासन
यह जमीन मंगवार पंचायत के डीहटोला विषहरा मंदिर के पास स्थित लगभग 52 डिसमिल सरकारी भूमि है। लंबे समय से स्थानीय लोग इस पर अतिक्रमण कर रहे थे। गुरुवार को पुलिस और प्रशासन के अधिकारी, बीडीओ अमित आनंद, सीओ आशीष कुमार, विद्युत विभाग के एसडीओ-जेई, जेसीबी और फायर ब्रिगेड वाहन लेकर कार्रवाई करने पहुंचे थे।
पहले भी हो चुकी है झड़प
अतिक्रमण हटाने के पहले प्रयासों के दौरान भी ग्रामीणों और प्रशासन के बीच झड़पें हुई थीं। गुरुवार को भी लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से हमला किया गया, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और अधिकारी सुरक्षा के लिए भागने को मजबूर हुए।
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अधिकारियों ने कार्रवाई तत्काल रोकी
स्थानीय भीड़ और उग्रता को देखते हुए प्रशासन को जेसीबी से जारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तुरंत रोकनी पड़ी।
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