Railway : दिवाली-छठ पर बिहारवासियों के लिए तोहफ़ा, दो महीनों तक चलेंगी 12 हज़ार स्पेशल ट्रेनें

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स्पेशल ट्रेनें,
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पटना। बिहार में दिवाली और छठ (Diwali and Chhath) जैसे सबसे बड़े पर्वों को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा इंतज़ाम किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को घोषणा की कि आने वाले दो महीनों में करीब 12 हज़ार विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि बिहार से बाहर रहने वाले लोग अपने घर आसानी से लौट सकें।

रेल मंत्री (Railway Minister) ने कहा कि दिवाली और छठ के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे पूरी तैयारी कर चुका है। यह पहली बार होगा जब बिहार के लिए इतनी बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलेंगी।

प्रवासियों के लिए राहत

त्योहारों पर घर लौटने वाले बिहारवासियों को रेलवे ने एक और तोहफ़ा दिया है। यात्रियों को राउंड ट्रिप पैकेज योजना के तहत किराए में 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

  • यह छूट 13 से 26 अक्टूबर तक बिहार आने वाले यात्रियों पर लागू होगी।
  • वापसी यात्रा के लिए यह सुविधा 17 नवंबर से 1 दिसंबर तक मिलेगी।

रेल मंत्री का ऐलान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, दिवाली और छठ पर्व पर बिहारवासियों को घर लौटने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। रेलवे दो महीनों में 12 हज़ार स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बक्सर से लखीसराय (Buxar to Lakhisarai) के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बिहार की रेल सेवाएं और तेज़ और सुविधाजनक बनेंगी।

बिहार सरकार का कदम

रेलवे से पहले ही बिहार सरकार ने त्योहारों पर यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में बसें चलाने की घोषणा की थी। अब रेलवे की ओर से 12 हज़ार स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान होने के बाद बिहार से बाहर रहने वाले लाखों लोगों ने राहत की सांस ली है।

चुनावी सियासत से जोड़कर देखा जा रहा कदम

गौरतलब है कि दिवाली और छठ के आसपास ही बिहार में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में इस बड़े फैसले को चुनावी रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह ऐलान न केवल प्रवासी बिहारियों को राहत देगा बल्कि चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है

भारत में सबसे पहले रेलवे किसने शुरू किया था?

लॉर्ड डलहौजी ब्रिटिश गवर्नर-जनरल थे जिन्होंने भारत में रेलवे की शुरुआत की: वे 1848 से 1856 तक भारत के गवर्नर-जनरल रहे। उन्हें “भारतीय रेलवे के जनक” के रूप में जाना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान ही भारत में रेलवे में यात्री रेलगाड़ियाँ, विद्युत टेलीग्राफ और एक समान डाक सेवा की शुरुआत हुई।

सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन कौन सा है?

भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन हावड़ा जंक्शन है, जो पश्चिम बंगाल में स्थित है. यह स्टेशन 23 प्लेटफार्मों और 23 ट्रैकों के साथ, यात्रियों की भारी संख्या को संभालता है. 

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Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

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