Rule- 1 अप्रैल से महिलाओं की नाइट शिफ्ट पर सुरक्षा नियम लागू, सरकार का निर्देश

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सुरक्षा नियम
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नई दिल्ली। महिलाओं की नाइट शिफ्ट (Night Shift) में काम करने की सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने श्रम संहिता (Labor Code) के नए नियम जारी किए हैं। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और इसके तहत नियोक्ताओं को महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और परिवहन की व्यवस्था करनी अनिवार्य होगी।

नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए लिखित सहमति जरूरी

नए नियमों के अनुसार महिलाएं शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम कर सकती हैं, लेकिन इसके लिए महिला कर्मचारी की लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा।

सुरक्षित कार्यस्थल और परिवहन की जिम्मेदारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियोक्ता को महिलाओं के लिए सुरक्षित और रोशन कार्यस्थल उपलब्ध कराना होगा। इसके साथ ही उनके आवास से ऑफिस तक आने-जाने के लिए पर्याप्त पिक-अप (Pickup) और ड्रॉप की सुविधा भी देना अनिवार्य होगा।

कार्य समय और विश्राम अवधि

नए नियमों के तहत सप्ताह में अधिकतम कार्य अवधि 48 घंटे तय की गई है। दैनिक कार्य घंटों, विश्राम अवधि और कार्य समय के विस्तार (स्प्रेड ओवर) को लेकर अलग अधिसूचना जारी की जाएगी। किसी भी श्रमिक से सप्ताह में 48 घंटे से अधिक कार्य नहीं कराया जा सकेगा।

असंगठित और गिग वर्कर्स के लिए पंजीकरण और सुरक्षा

असंगठित क्षेत्र के 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए आधार से जुड़ा पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके साथ ही गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन होगा, जिसमें संसद, राज्यों, श्रमिक संगठनों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

वेतन और ग्रेच्युटी के प्रावधान

श्रम संहिताओं के तहत वेतन की परिभाषा व्यापक की गई है। भत्ते और अन्य भुगतान कुल पारिश्रमिक के 50% से अधिक होने पर अतिरिक्त राशि वेतन में जोड़ी जाएगी। प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन, ईएसओपी और प्रतिपूर्ति आधारित भुगतान वेतन का हिस्सा नहीं होंगे। नियमों में निश्चित अवधि (फिक्स्ड टर्म) के कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। एक वर्ष की निरंतर सेवा के बाद यह सुविधा मिलेगी, जबकि पहले यह स्थायी कर्मचारियों को पांच साल बाद मिलती थी। ये प्रावधान 21 नवंबर 2025 से प्रभावी होंगे।

ठेकेदारों के लिए एकल इलेक्ट्रॉनिक लाइसेंस

सरकार ने ठेकेदारों के लिए एकल इलेक्ट्रॉनिक लाइसेंस प्रणाली की भी घोषणा की है। इसके तहत एक से अधिक राज्यों या पूरे देश में काम करने वाले ठेकेदारों को 45 दिनों के भीतर लाइसेंस स्वीकृति या अस्वीकृति की जानकारी मिल सकेगी।

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सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित

केंद्र सरकार ने चारों श्रम संहिताओं के मसौदा नियमों पर 30 से 45 दिनों के भीतर सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित किए हैं। अंतिम नियमों के मार्च 2026 तक अधिसूचित होने की संभावना है, जिसके बाद 1 अप्रैल से नई श्रम संहिताएं पूरी तरह लागू होंगी।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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