Gratuity Rules 2025 : भारत सरकार ने नए श्रम कानूनों (New Labour Codes) को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन बदलावों में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव—ग्रेच्युटी नियमों में ढील।
अब तक किसी भी संस्था में कम से कम 5 साल नौकरी करने के बाद ही कर्मचारी ग्रेच्युटी पाने के पात्र होते थे। लेकिन नए लेबर कोड्स 2025 के अनुसार, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को सिर्फ 1 साल काम करने के बाद भी ग्रेच्युटी मिलेगी। यह लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है।
सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नए लेबर कोड्स बनाए हैं। (Gratuity Rules 2025) श्रम मंत्रालय का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर वेतन, विस्तृत सामाजिक सुरक्षा, और स्वास्थ्य लाभों में सुधार देना है।
इनका फायदा फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के साथ-साथ गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, और महिला कर्मचारियों को भी मिलेगा।
अन्य पढ़ें: KBC-सिंगर ने साझा कीं ‘केबीसी’ सेट पर बिग बी से मुलाकात की तस्वीरें
ग्रेच्युटी क्या है?
ग्रेच्युटी वह राशि है जो किसी कर्मचारी को उसके लंबे समय तक किए गए योगदान के लिए दी जाती है। सामान्यतः यह राशि रिटायरमेंट, नौकरी छोड़ने या सेवा समाप्त होने पर दी जाती है।
अब नए नियमों के तहत फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को सिर्फ 1 साल की सेवा के बाद भी यह लाभ मिलेगा। इससे नौकरी बदलने की स्थिति में भी कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
ग्रेच्युटी की गणना कैसे होती है?
गणना का फॉर्मूला वही रहेगा:
Last Drawn Salary × (15/26) × Years of Service
यहां Last Drawn Salary में Basic Pay + Dearness Allowance शामिल होते हैं।
नए नियमों से क्या लाभ?
फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को अब स्थाई कर्मचारियों की तरह:
- समान सैलरी स्ट्रक्चर
- छुट्टियों का लाभ
- मेडिकल सुविधाएँ
- सोशल सिक्योरिटी फायदे
मिलेंगे।
इससे कंपनियों में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स पर निर्भरता कम होगी और सीधे भर्ती बढ़ेगी।
सरकार का कहना है कि ये नए नियम कर्मचारियों को अधिक स्थिरता देंगे और कंपनियों को एक जिम्मेदार वर्कफोर्स तैयार करने में मदद करेंगे।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :