कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना (Voting Counting) शुरू होते ही सियासी माहौल गरमा गया है। शुरुआती रुझानों में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जहां भाजपा और कांग्रेस 5-5 सीटों पर आगे चल रही हैं। नतीजों को लेकर पूरे राज्य में उत्सुकता चरम पर है।
कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच मतगणना
चुनाव आयोग ने सभी मतगणना केंद्रों (Voting Centre) पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। केंद्रीय बलों की 700 कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मुस्तैद है। केंद्रों के अंदर केंद्रीय बल और बाहर पुलिस का दो-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इसके अलावा 77 पुलिस पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं और मतगणना केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू की गई है।
शुरुआती रुझानों में कांटे की टक्कर
मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझानों में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। दोनों ही दल 5-5 सीटों पर आगे चल रहे हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
महिला मतदाताओं की निर्णायक भागीदारी
दूसरे चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से करीब 2.98 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। खास बात यह रही कि महिला मतदाताओं की भागीदारी काफी प्रभावशाली रही, जिसने चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दिया है।हाबरा, अशोकनगर और दमदम उत्तर जैसी सीटों पर महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर या कई जगह उससे अधिक दर्ज की गई। दूसरे चरण में कुल 1,57,38,233 महिला मतदाता थीं, जिनमें चुंचुड़ा में सबसे ज्यादा 1,39,570 महिलाओं ने वोट डाले।
रिकॉर्ड मतदान से बढ़ी सियासी उत्सुकता
करीब 92.90 प्रतिशत मतदान यह संकेत देता है कि जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने फैसले को स्पष्ट रूप से ईवीएम में दर्ज किया। इससे चुनाव परिणामों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।
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मतगणना केंद्र के बाहर तनाव
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित मतगणना केंद्र के बाहर टीएमसी और भाजपा (TMC and BJP) के मतगणना एजेंटों के बीच जुबानी बहस भी देखने को मिली। हालांकि, सुरक्षा बलों की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही। अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
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