नई दिल्ली। पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल (West Bengal) तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनावों के नतीजों का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी, जिसमें सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी। इन चुनावी परिणामों का असर न सिर्फ राज्यों की सत्ता पर पड़ेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करेगा।
बंगाल पर टिकी सबसे बड़ी नजर
इन चुनावों में सबसे ज्यादा फोकस पश्चिम बंगाल पर है। यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। ममता बनर्जी की जीत क्षेत्रीय दलों के वर्चस्व को मजबूत करेगी, जबकि भाजपा की जीत राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है।
293 सीटों पर होगी काउंटिंग
बंगाल की 294 में से 293 सीटों पर ही आज मतगणना होगी। दक्षिण 24 परगना की फलता सीट पर गड़बड़ियों के कारण मतदान रद्द कर दिया गया था, जहां 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी।
केरल में वामपंथ के लिए बड़ी चुनौती
केरल में माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ (LDF) के सामने सत्ता बचाने की चुनौती है। यदि एलडीएफ हारता है, तो देश में वामपंथी दलों की किसी भी राज्य में सरकार नहीं बचेगी।
तमिलनाडु में नए समीकरण
तमिलनाडु में इस बार मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके की एंट्री ने द्रमुक और अन्नाद्रमुक की पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है।
असम में भाजपा की नजर तीसरी जीत पर
असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है। अगर पार्टी जीतती है, तो पूर्वोत्तर में उसका राजनीतिक प्रभाव और मजबूत होगा।
एग्जिट पोल बनाम असली नतीजे
ज्यादातर एग्जिट पोल में बंगाल और असम में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है, जबकि केरल में यूडीएफ और तमिलनाडु में द्रमुक की जीत का अनुमान है। हालांकि, असली तस्वीर आज साफ होगी।
कांग्रेस के लिए अहम दिन
केरल में यूडीएफ की जीत की स्थिति में कांग्रेस दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है। इससे पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती मिल सकती है।
गठबंधन राजनीति की परीक्षा
तमिलनाडु और अन्य राज्यों में त्रिशंकु स्थिति बनने पर गठबंधन की राजनीति अहम भूमिका निभा सकती है। विभिन्न दल नतीजों के अनुसार अपने समीकरण बदल सकते हैं।
बंगाल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मतगणना के लिए बंगाल में 77 केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने 165 अतिरिक्त पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
मोबाइल पर प्रतिबंध, नई तकनीक का इस्तेमाल
सुरक्षा के मद्देनजर मतगणना केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, पहली बार क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की गई है।
उपचुनाव के नतीजे भी आज
इन पांच राज्यों के साथ-साथ देशभर की 8 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे भी आज ही घोषित किए जाएंगे।
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राजनीतिक भविष्य का फैसला आज
इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि किन राज्यों में किसकी सरकार बनेगी और देश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। अब सबकी नजरें मतगणना के हर रुझान और अंतिम परिणाम पर टिकी हैं।
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