Karthigai Deepam controversy : तिरुपरनकुंद्रम कार्तिगई दीपम विवाद मद्रास हाईकोर्ट ने शीर्ष अधिकारियों को तलब किया

Read Time:  1 min
Karthigai Deepam controversy
Karthigai Deepam controversy
FONT SIZE
GET APP

Karthigai Deepam controversy : तमिलनाडु के पवित्र तिरुप्परंकुंद्रम पहाड़ पर कार्तिगई दीपम (दीपक) जलाने को लेकर विवाद और गहरा हो गया है। मद्रास हाईकोर्ट ने अपने आदेशों की अवहेलना किए जाने के मामले में राज्य के दो शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है।

जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और चेन्नई के कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को 17 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।


अन्य पढ़ें: INDIGO- इंडिगो के खिलाफ याचिका पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

न्यायालय ने कहा कि 3 दिसंबर को हिंदू श्रद्धालुओं को दीपथून (Karthigai Deepam controversy) (पत्थर का दीप स्तंभ) पर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति दी गई थी, जिसे 4 दिसंबर को खंडपीठ ने भी बरकरार रखा। इसके बावजूद स्थानीय अधिकारियों ने आदेश का पालन नहीं किया।

जस्टिस स्वामीनाथन ने कहा कि अदालत के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना करना अवमानना मानी जाएगी। हालांकि, यह जानने के लिए कि आदेशों की अवहेलना जानबूझकर की गई या नहीं, संबंधित अधिकारियों की सफाई जरूरी है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसी घटनाएं सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी अदालत के आदेशों की अनदेखी की गई है। अदालत ने कहा कि जिला स्तर के अधिकारी स्वयं इतनी हिम्मत नहीं करते और संभवतः उन्हें ऊपर से निर्देश मिलते हैं।

न्यायालय ने दोहराया कि सरकारी अधिकारियों का कर्तव्य कानून लागू करना है, न कि मौखिक आदेशों के अनुसार काम करना। इसी कारण राज्य के शीर्ष अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या वे जिला अधिकारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Sai Kiran

लेखक परिचय

Sai Kiran

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।