(जमुई)। शनिवार देर रात झाझा–जसीडीह रेलखंड (Jhajha-Jasidih Railline) पर बड़ा रेल हादसा हो गया। टेलवा बाजार हाल्ट के समीप पुल संख्या 676 पर एक मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। इस हादसे का असर करीब 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों पर पड़ा है, जबकि दर्जनों ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर चलाया जा रहा है।
34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों पर पड़ा असर
हादसे के बाद इस रेलखंड से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ियों के परिचालन में भारी बदलाव किया गया। अप लाइन की 22214 पटना–शालीमार दुरंतो एक्सप्रेस (Shalimir Duranto Express) घंटों तक झाझा स्टेशन पर खड़ी रही, जिसे बाद में झाझा से गया–किऊल रेलखंड के रास्ते वापस भेजा गया। इसी तरह कई एक्सप्रेस ट्रेनें जमुई और मननपुर स्टेशन (Mananpur Station) पर रोक दी गईं, जिन्हें बाद में वैकल्पिक मार्गों से रवाना किया गया।
गार्ड की सूचना पर तुरंत हरकत में आया रेल प्रशासन
बताया जाता है कि रात करीब 11:30 बजे मालगाड़ी के गार्ड ने झाझा स्टेशन प्रबंधक को दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही महज आधे घंटे के भीतर झाझा से दुर्घटना राहत वाहन (एआरटी) घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। वहीं देर रात दानापुर से भारी क्रेन भी मौके पर भेजी गई।
नदी में गिरे आधे से ज्यादा डिब्बे
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालगाड़ी के आधे से अधिक डिब्बे पटरी से उतरकर पुल से नीचे नदी में जा गिरे। हादसे में पुल के गार्डर को भी नुकसान पहुंचा है। गार्डर की मरम्मत और ट्रैक दुरुस्ती में 24 घंटे से अधिक समय लग सकता है, जिससे सोमवार से पहले इस रेलखंड पर सामान्य परिचालन बहाल होना मुश्किल बताया जा रहा है।
रद और डायवर्ट हो सकती हैं कई ट्रेनें
हादसे के कारण इस रेलखंड की कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के रद होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि दर्जनों एक्सप्रेस ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा। अगले दो दिनों तक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि झाझा स्टेशन से पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन तय समय पर जारी रहने की बात कही गई है।
यात्रियों में मायूसी, पूछताछ केंद्रों पर भीड़
घटना के बाद रेल यात्रियों में मायूसी छा गई। कई यात्रियों ने अपनी यात्रा रद कर दी, जबकि कुछ यात्री सड़क मार्ग से किऊल स्टेशन पहुंचकर अन्य ट्रेनों के जरिए आगे की यात्रा पर निकले। बड़ी संख्या में यात्रियों ने अपने आरक्षण टिकट वापस कर दिए। झाझा स्टेशन के पूछताछ केंद्र पर देर रात तक भारी भीड़ देखी गई।
जानकारी के अभाव में लौटे यात्री
कई यात्रियों को हादसे की जानकारी नहीं होने के कारण वे ट्रेन पकड़ने झाझा स्टेशन पहुंचे, लेकिन ट्रेनें रद या डायवर्ट होने की सूचना मिलने पर निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इस रेलखंड पर यह पहली बार है जब मालगाड़ी के इतने अधिक डिब्बे पटरी से उतरकर नीचे गिरे हैं। जिस पुल पर हादसा हुआ, उसका गार्डर हाल ही में आसनसोल डिवीजन द्वारा बदला गया था।
रेल अधिकारियों ने बताया सबसे बड़ा हादसा
झाझा रेल यातायात निरीक्षक रवि गुप्ता ने बताया कि यह इस रेलखंड का अब तक का सबसे बड़ा रेल हादसा है। सभी एक्सप्रेस ट्रेनों को वैकल्पिक रेलखंडों से चलाया जा रहा है और ट्रैक की मरम्मत में 24 घंटे से अधिक समय लगेगा।
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पूर्व रेलवे का आधिकारिक बयान
हाजीपुर जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि 27 दिसंबर को रात 23:25 बजे आसनसोल मंडल (पूर्व रेलवे) के लाहाबन–सिमुलतला स्टेशनों के बीच किमी 344/05 के पास एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर परिचालन बाधित हो गया है। सूचना मिलते ही आसनसोल, मधुपुर और झाझा से एआरटी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई थी और परिचालन बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
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