Mexico tariffs : मेक्सिको के नए टैरिफ़ भारत के कार निर्यात पर सबसे बड़ा असर

Read Time:  1 min
Mexico tariffs
Mexico tariffs
FONT SIZE
GET APP

Mexico tariffs : मेक्सिको ने अगले वर्ष से एशियाई देशों—विशेषकर भारत और चीन—से आने वाले सैकड़ों उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाने को मंज़ूरी दे दी है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम की सरकार ने कहा कि यह कदम घरेलू रोजगार और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। रॉयटर्स के अनुसार, मेक्सिको की सीनेट ने ऐसे 1,400 से अधिक उत्पादों पर शुल्क को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक करने की अनुमति दे दी है, जिन देशों के साथ मेक्सिको का औपचारिक व्यापार समझौता नहीं है।

इस निर्णय का सबसे बड़ा असर भारत के ऑटोमोबाइल निर्यात पर पड़ने वाला है। मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा कार निर्यात बाजार है। भारत से मेक्सिको को होने वाला वाहन निर्यात लगभग $1.8 बिलियन (₹14,940 करोड़) का है, जिस पर अब ऊँचे आयात शुल्क लागू होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उद्योग समूह इस फैसले को रोकने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

Read also :  राष्ट्रपति का तेलंगाना प्रवास 17 से 21 दिसंबर तक निर्धारित

2025 में भारत के मेक्सिको को कुल निर्यात $5.63 बिलियन था, (Mexico tariffs) जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा वाहनों का था—करीब $1.86 बिलियन। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, ऑर्गेनिक केमिकल्स, अल्युमिनियम और फार्मा उत्पादों का स्थान रहा। नए टैरिफ़ इन सभी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं।

स्कोडा ऑटो वोल्क्सवैगन इंडिया के प्रमुख पियूष अरोड़ा ने कहा कि भारत लंबे समय से ऑटो एक्सपोर्ट का मजबूत केंद्र रहा है और मेक्सिको भारतीय निर्मित मॉडलों के लिए एक महत्वपूर्ण बाज़ार बना हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मेक्सिको भेजी जाने वाली भारत की कुल कारों में से लगभग 50% स्कोडा की होती हैं, जिनके बाद ह्यूंडई, निसान और सुज़ुकी का स्थान है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Sai Kiran

लेखक परिचय

Sai Kiran

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।