नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (TMC Chief Mamta Banerjee ) ने कहा कि भाजपा डेढ़ करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट (Voter List) से हटाने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि बर्दवान में बाहर के राज्यों, खासकर बिहार से मोटरसाइकिलें लाई जा रही हैं और चुनाव के लिए बाहरी लोगों को लाने की कोशिश हो रही है। ममता ने कहा कि एसआईआर (SIR) को लेकर सभी बीएलए को स्थानीय विधायक, पार्षद और ब्लॉक अध्यक्षों से सलाह करनी चाहिए।
चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारों पर काम करने का आरोप
बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित पार्टी बैठक में कहा कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था की तरह काम नहीं कर रहा, बल्कि भाजपा के निर्देशों पर चल रहा है। चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची तैयार करने में भारी स्तर पर गलतियां हुई हैं।
निष्क्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की चेतावनी
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जो पार्षद और पार्टी कार्यकर्ता निष्क्रिय रहेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बूथ स्तर के एजेंटों को सतर्क रहने और मतदाताओं की रक्षा करने का निर्देश दिया। ममता ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया जानबूझकर की जा रही है ताकि खास समुदायों के वोट छीने जा सकें।
माइक्रो ऑब्जर्वरों की नियुक्ति पर आपत्ति
ममता बनर्जी ने एसआईआर को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। ममता ने केंद्र से भेजे गए माइक्रो ऑब्जर्वरों की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को स्थानीय भाषा और हालात की समझ नहीं है, जिससे आम मतदाताओं को परेशानी हो रही है।
लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताए चुनाव
मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह बिना बंगाल सरकार को जानकारी दिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर रही है और भाजपा के हित साध रही है। उन्होंने कहा कि केवल टीएमसी के कार्यकर्ता ही राज्य में भाजपा की पैठ रोक सकते हैं।
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