नई दिल्ली । एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर स्थित एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावरों में वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था किए जाने की सिफारिश की है। इसका उद्देश्य हवाई हादसों की जांच के दौरान एटीसी की गतिविधियों और निर्णय प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से समझना है।
दिल्ली रनवे घटना के बाद आई सिफारिश
यह सुझाव दिल्ली हवाई अड्डे (Delhi Air Port) पर नवंबर में हुई एक गंभीर रनवे घटना के बाद सामने आया है, जिसमें एरियाना अफगान एयरलाइंस का विमान अनाधिकृत रनवे पर उतर गया था। इस घटना को विमानन सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना गया।
वीडियो के साथ कम्युनिकेशन रिकॉर्डिंग भी जरूरी
एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एटीसी टावरों में केवल वीडियो ही नहीं, बल्कि बैकग्राउंड कम्युनिकेशन रिकॉर्डिंग की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इससे असामान्य या उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के फैसलों और घटनाक्रम का सटीक पुनर्निर्माण संभव हो सकेगा।
जांच एजेंसियों को मिलेगा अहम डेटा
इन रिकॉर्डिंग्स का उपयोग एएआईबी और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जांच के दौरान किया जा सकेगा। रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी घटना के बाद नियंत्रक की कार्रवाई का विश्लेषण भविष्य में सुरक्षा सुधारों के लिए बेहद जरूरी है और इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।
बयान और तकनीकी रिकॉर्ड पहले से सुरक्षित
नवंबर की घटना में शामिल फ्लाइट क्रू और एटीसी के शुरुआती बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। इसके साथ ही अप्रोच रडार डेटा और एटीसी कम्युनिकेशन ट्रांसक्रिप्ट भी जांच एजेंसियों के पास मौजूद हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
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जांच का दायरा बढ़ा
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जांच के दायरे को बढ़ाते हुए घटना के समय आसपास ऑपरेट कर रही अन्य फ्लाइट्स के क्रू के बयान भी शामिल किए गए हैं। यह सिफारिश विमानन सुरक्षा और जवाबदेही बढ़ाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी टूल्स के उपयोग पर जोर देती है।
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