Karnataka politics news : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर कांग्रेस नेता और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सार्वजनिक रूप से चर्चा करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इस मुद्दे को पार्टी के कुछ लोगों के बीच हुआ एक “गुप्त समझौता” बताया और कहा कि वह संगठन को शर्मिंदा नहीं करना चाहते।
अपने विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा के दौरे के दौरान डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने कभी मुख्यमंत्री बनने की मांग नहीं की। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी की मजबूती ही नेताओं की ताकत है और सभी को अपने विवेक से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी बचेगी तो कार्यकर्ता और नेता भी बचेंगे।
शिवकुमार ने वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की भी सराहना की। उन्होंने कहा (Karnataka politics news) कि सिद्धारमैया पार्टी के एक वरिष्ठ और महत्वपूर्ण नेता हैं। पहले भी वह 2013 से 2018 तक पांच साल मुख्यमंत्री रह चुके हैं और कुल मिलाकर उनके पास 7.5 साल का अनुभव है।
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अपने समर्थक विधायकों के दिल्ली जाकर कांग्रेस नेतृत्व से मिलने पर शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विधायक से न तो फोन पर बात की और न ही पूछा कि वे दिल्ली क्यों गए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ विधायक मंत्री पद पाने की कोशिश कर रहे हो सकते हैं।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा सार्वजनिक मंच पर चर्चा योग्य नहीं है। संविधान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे खड़गे ने कहा कि कार्यक्रम के बाद समीक्षा बैठकें होंगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे और आने वाले बजट भी वही पेश करेंगे।
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