असदुद्दीन ओवैसी, जो ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुख्य हैं, ने पहलगाम आतंकी आक्रमण के खिलाफ विरोध जताते हुए जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधकर हिस्सा लिया।इस प्रतीकात्मक विरोध का मकसद यह संदेश देना था कि हिन्दुस्तानी विदेशी ताकतों को देश की शांति और एकता को कमजोर करने की इजाजत नहीं देंगे।
असदुद्दीन ओवैसी: विदेशी ताकतों को कड़ा संदेश
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर इस विरोध के बारे में पोस्ट करते हुए कहा कि यह विरोध देश की शांति और एकता की रक्षा के लिए है।

ओवैसी ने कश्मीर में हमले के बाद कश्मीरी मुस्लिमों को निशाना बनाने की निंदा की और हिन्दुस्तानी नागरिकों से निवेदन की कि वे दुश्मन की चालों में न फंसे।
उन्होंने कहा, “हम भारतीय विदेशी ताकतों को इंडिया की एकता को कमजोर नहीं करने देंगे।”
ओवैसी ने हमलावरों की कड़ी आलोचना की
ओवैसी ने पहलगाम हमले के संदर्भ में आतंकियों पर गुस्सा जाहिर करते हुए उन्हें “कमीने” और “कुत्ते” कहा। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों को नाम और मजहब पूछकर मारा, और इसे मानवता पर आक्रमण बताया। ओवैसी ने कहा, “आतंकवादियों ने जानवर से भी बदतर आचरण किया।”
आतंकवाद का पूरी तरह सफाया जरूरी
ओवैसी ने गवर्नमेंट से निवेदन की कि वह आतंकवाद की जड़ें खोदे और इसे जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए।

उन्होंने इस आक्रमण को हिन्दुस्तानी एकता और अखंडता पर आक्रमण करार दिया और सभी हिन्दुस्तानीयों से निवेदन की कि वे इस मुश्किल वक्त में एकजुट रहें।