कच्चे तेल की मूल्य पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार में घटी हैं, लेकिन हिन्दुस्तान में पेट्रोल 95 रुपये और डीजल 88 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहे हैं।
सवाल उठता है – जब क्रूड ऑयल सस्ता है, तो फिर ग्राहक की जेब पर बोझ क्यों?
दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की मूल्य का विच्छेद
पेट्रोल (₹94.77/लीटर)
- बेस प्राइस: ₹55.09
- बेसिक एक्साइज ड्यूटी: ₹1.40
- रोड और इंफ्रा सेस: ₹5
- एग्री इंफ्रा सेस: ₹2.5
- स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED): ₹5
- कमीशन: ₹4.39
- VAT (राज्य सरकार): ₹15.4
डीजल (₹87.67/लीटर)
- बेस प्राइस: ₹56.03
- बेसिक एक्साइज ड्यूटी: ₹1.80
- रोड और इंफ्रा सेस: ₹4
- एग्री इंफ्रा सेस: ₹2
- सहेजते: ₹8
- कमीशन: ₹3.82
- टब: ₹12.05
एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी, जनता पर अप्रत्यक्ष असर
हाल ही में केंद्र गवर्नमेंट ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे सीधे दाम तो नहीं बढ़े हैं, लेकिन गवर्नमेंट को 5,000 से 7,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी, जिससे LPG राजसहायता की भरपाई की जाएगी।
असल में सहेजते का पूरा पैसा केंद्र के पास जाता है और राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता।

रसोई गैस भी हुई महंगी, उज्ज्वला लाभार्थियों पर असर
- उज्ज्वला योजना के तहत 14.2 किलो वाला सिलेंडर अब ₹553 का हो गया है (पहले ₹503)
- बिना राजसहायता वाला सिलेंडर: ₹853
- बाजार भाव: ₹1028.5
मार्च 2024 में गवर्नमेंट ने सिलेंडर के दाम ₹100 तक घटाए थे, जो अब फिर बढ़ गए हैं।
पेट्रोल-डीजल: टैक्स कम हो तो घट सकती हैं कीमतें
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि टैक्स में कुछ राहत दी जाए, तो ईंधन के दाम घट सकते हैं, जिससे मूल्यवृद्धि पर भी क़ाबू हो सकता है।
लेकिन गवर्नमेंट का कहना है कि ये टैक्स अवसंरचना और राजसहायता जैसे जरूरी खर्चों के लिए जरूरी हैं।
2014 से 2016 के बीच केंद्र गवर्नमेंट ने 9 बार बढ़ा हुआ कर्तव्य, जिससे भारी राजस्व प्राप्त हुआ, चाहे क्रूड सस्ता हो गया हो।