नई दिल्ली । मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा तैयार की जा रही अत्याधुनिक ड्रोन विंग (Drone Wing) अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बनने जा रही है। केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों के गृह विभागों के स्तर पर इसे लेकर गंभीर मंथन शुरू हो गया है। आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई राज्य इस तकनीक को अपनाने की तैयारी में हैं।
तकनीक आधारित पुलिसिंग को मिलेगी रफ्तार
सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में तकनीक आधारित पुलिसिंग (Technology based policing) को भविष्य की जरूरत मानते हुए ड्रोन विंग को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाना है।
यूपी, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने तैयार किए प्रस्ताव
सूत्र बताते हैं कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक (Karnatka) और तेलंगाना जैसे राज्यों ने ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। इन राज्यों में ऐसे ड्रोन शामिल किए जाएंगे, जो लंबी दूरी तक उड़ान भरने के साथ कई घंटे तक लगातार निगरानी कर सकें।
फिक्स्ड विंग ड्रोन पर विशेष जोर
पुलिस बेड़े में फिक्स्ड विंग ड्रोन को शामिल करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इनका उपयोग बॉर्डर इलाकों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, बड़े प्रदर्शनों और संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए किया जाएगा।
अपराध नियंत्रण से लेकर आपदा प्रबंधन तक भूमिका
राज्यों में बनने वाली ड्रोन विंग को अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा और ट्रैफिक मॉनिटरिंग जैसे अहम कार्य सौंपे जाएंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा।
आपदा के समय लाइव फीड से तेज होगा फैसला
भूकंप, बाढ़, जंगल की आग और सड़क दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में ड्रोन के जरिए मौके की लाइव तस्वीरें कंट्रोल रूम तक भेजी जा सकेंगी। इससे हालात का त्वरित आकलन कर फैसले लेने में तेजी आएगी।
ड्रोन पायलटों के लिए विशेष ट्रेनिंग सेंटर
मध्यप्रदेश की तर्ज पर अन्य राज्यों में भी ड्रोन पायलट और तकनीकी कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कुछ राज्यों में मौजूदा पुलिस ट्रेनिंग अकादमियों को ड्रोन ट्रेनिंग के नोडल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है।
आसमान से निगरानी, अपराधियों पर बढ़ेगा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन तकनीक से पुलिस को जमीन के साथ-साथ आसमान से भी निगरानी की ताकत मिलेगी। इससे अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ेगा और कानून-व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
Read also : Rajsamand : कार में जिंदा जली मासूम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
आने वाले समय में ड्रोन आधारित पुलिसिंग देशभर में सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बनेगी। गृह मंत्रालय की यह पहल स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम मानी जा रही है।
Read More :