LPG- एलपीजी सप्लाई में राहत की उम्मीद, शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा

Read Time:  1 min
एलपीजी सप्लाई
एलपीजी सप्लाई
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली । देश में पिछले कुछ समय से चल रहे एलपीजी संकट के बीच अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं। गुजरात के (Mundra Port) पर एलपीजी से लदा जहाज (Shivalik) सुरक्षित पहुंच गया है। इस जहाज के जरिए देश में बड़ी मात्रा में गैस की आपूर्ति होने से घरेलू बाजार में चल रही किल्लत कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही एक और मालवाहक जहाज के जल्द भारत पहुंचने की संभावना है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

मुंद्रा बंदरगाह पर उतारी जा रही एलपीजी की बड़ी खेप

बंदरगाह अधिकारियों के अनुसार, यह जहाज Indian Oil Corporation Limited के लिए लगभग 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। इसमें से करीब 20,000 मीट्रिक टन गैस मुंद्रा बंदरगाह पर उतारी जाएगी, जबकि शेष 26,000 मीट्रिक टन की आपूर्ति Mangalore Port पर की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस खेप के पहुंचने से फिलहाल घरेलू बाजार में चल रही गैस की कमी में कुछ राहत मिल सकती है।

वैश्विक तनाव से प्रभावित हुई आपूर्ति

एलपीजी संकट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात माने जा रहे हैं। दरअसल, Iran और United States के बीच बढ़े तनाव और संघर्ष के कारण दुनिया के अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में शिपिंग गतिविधियां प्रभावित हो गई थीं। इस मार्ग के बाधित होने से कई एलपीजी जहाजों की आवाजाही रुक गई और भारत के लिए आने वाली खेप भी रास्ते में अटक गई। चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात करता है, इसलिए इसका असर सीधे घरेलू आपूर्ति पर पड़ा।

आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ा असर

गैस की कमी का असर सबसे ज्यादा होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों पर देखा गया। कई शहरों में गैस एजेंसियों और बुकिंग केंद्रों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गईं। डिलीवरी में देरी और सीमित आपूर्ति के कारण आम उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ गई, क्योंकि रसोई गैस घर-घर की जरूरत बन चुकी है।

सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के दिए निर्देश

संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर पिछले 15 दिनों में घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन लगभग 36 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। साथ ही उपभोक्ताओं को पारंपरिक गैस सिलेंडर के बजाय पाइप्ड नेचुरल गैस यानी Piped Natural Gas (पीएनजी) अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि सिलेंडर पर निर्भरता कम हो सके।

जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई

एलपीजी संकट के बीच कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। Uttar Pradesh में पुलिस और प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
राज्य सरकार के अनुसार 12 मार्च से अब तक 4,816 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इस दौरान गैस की अवैध बिक्री और वितरण में अनियमितता के मामलों में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अन्य पढ़े: IPL 2026- आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा छक्के लगा सकते हैं वैभव सूर्यवंशी- अभिनव मुकुंद

जल्द सामान्य हो सकती है स्थिति

सरकार को उम्मीद है कि नई खेप के लगातार पहुंचने और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में देश में एलपीजी की उपलब्धता सामान्य होने लगेगी। इसके साथ ही आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने के लिए भी दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह के संकट से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।