लंदन । वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू ने सांस्कृतिक विविधताओं (Cultural Diversities) को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत अध्ययन जारी किया है। इस रिपोर्ट में उन देशों की सूची शामिल है जहां करीबी रिश्तेदारों के बीच शादियां आम प्रथा का हिस्सा हैं। अध्ययन में 72 देशों के आंकड़े शामिल किए गए।
पाकिस्तान शीर्ष पर – 61.2% शादियां रिश्तेदारों में
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान (Pakistan) इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां 61.2 प्रतिशत विवाह करीबी रिश्तेदारों — जैसे चचेरे, ममेरे या फुफेरे भाई-बहन — के बीच होते हैं। यानी हर 100 में से लगभग 61 शादियां रक्त संबंधों के भीतर की जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और इसे सामाजिक प्रतिष्ठा व पारिवारिक एकजुटता का प्रतीक माना जाता है।
शीर्ष पांच देश
इसके बाद कुवैत 54.3 प्रतिशत, कतर 54 प्रतिशत, संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) 50.5 प्रतिशत और सूडान 50 प्रतिशत के साथ शीर्ष पांच में शामिल हैं। इन देशों में पारिवारिक संपत्ति और परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए भी ऐसे विवाह को प्रोत्साहित किया जाता है।
पश्चिमी देशों में स्थिति बिल्कुल अलग
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और यूरोपीय देशों में ऐसे विवाह बेहद दुर्लभ हैं। पश्चिमी समाजों में करीबी रिश्तों में शादियों को सामाजिक रूप से अस्वीकार्य माना जाता है और कई देशों में इस पर कानूनी प्रतिबंध भी हैं।
एशिया और अरब देशों में परंपरागत स्वीकार्यता
मध्य पूर्व, उत्तर अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में यह प्रथा सामान्य सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा मानी जाती है। मलेशिया में हर 100 में से 6 शादियां रिश्तेदारों के बीच होती हैं, जबकि कंबोडिया में यह आंकड़ा 6 प्रतिशत है। इंडोनेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड जैसे देशों में चचेरे भाई-बहन की शादी की अनुमति है, मगर सगे भाई-बहनों की शादी सख्त वर्जित है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की गंभीर चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे विवाहों से आनुवंशिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जब करीबी जीन वाले लोग विवाह करते हैं, तो बच्चों में जीन संबंधी विकार, जन्मजात बीमारियाँ, मानसिक विकास की समस्याएं और दुर्लभ जेनेटिक सिंड्रोम का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह रिपोर्ट न केवल सांस्कृतिक परंपराओं की विविधता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे कुछ सामाजिक रिवाज, स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से टकराव पैदा करते हैं
Read More :