पटना। पटना जंक्शन पर पुलिस की वर्दी पहनकर दो बदमाशों ने 22.50 लाख रुपये की नकदी लूट ली, जिससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। जीआरपी (GRP) की तेज़ कार्रवाई के चलते महज 72 घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और 19 लाख रुपये बरामद किए गए। इस घटना ने रेलवे स्टेशनों (Railway Station) पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे दिया बदमाशों ने वारदात को अंजाम?
पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने अपने साले दीपक कुमार को वैशाली से पटना स्थित ज्वेलरी दुकान में चांदी के गहने पहुंचाने भेजा था। लौटते समय दीपक 22.50 लाख रुपये कैश बैग (Cash Bag) में लेकर जा रहे थे। तभी पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स प्लेटफॉर्म पर उनके पास आया और शाम होने का हवाला देते हुए बैग की “चेकिंग” के नाम पर दीपक को प्लेटफॉर्म 1 से 6 और फिर 7 तक ले गया एक खाली ट्रेन बोगी में उसके साथी के साथ मिलकर बदमाशों ने दीपक को धमकाया, बैग छीना और फरार हो गए। उन्होंने मोबाइल में जीआरपी थानेदार का नंबर सेव कर पीड़ित को और डराया।
72 घंटे में पुलिस की बड़ी कामयाबी
जीआरपी एसपी इनामुल हक के नेतृत्व में टीम ने तेज़ कार्रवाई करते हुए आरोपियों दीपक झा (खुसरूपुर) और राजा कुमार (करबिगहिया) को गिरफ्तार किया। दोनों पिछले तीन महीनों से पटना जंक्शन पर पानी की बोतलें बेचते थे, जिस आड़ में वे छिनतई की योजना बनाते थे पूछताछ में पता चला कि घटना की रात बैग देखकर उन्हें लगा कि इसमें शराब है। इसी बहाने उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने राजा से 9 लाख और दीपक झा से 10 लाख रुपये बरामद किए हैं। बाकी राशि की तलाश जारी है। इतनी बड़ी रकम होने के कारण इनकम टैक्स विभाग को भी सूचित किया गया है।
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रेलवे यात्रियों को सतर्क रहने की अपील
यह घटना रेलवे स्टेशनों पर फर्जी पुलिस वर्दी पहनकर होने वाली ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है। यात्रियों से अपील है कि कोई भी व्यक्ति बैग चेकिंग के नाम पर ले जाए तो सतर्क रहें और असली पुलिसकर्मी से संपर्क करें।
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