पटना। पेट्रोलियम संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samarat Choudhary) ने शुक्रवार को एक अलग संदेश दिया। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग से पैदल ही सचिवालय पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ (No Vehicle Day’) के रूप में मनाते हुए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया। मुख्यमंत्री के साथ कई अधिकारी और सचिव भी तेज धूप के बावजूद पैदल चलते नजर आए। रास्ते में लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया, जिसका उन्होंने मुस्कुराकर जवाब दिया।
ऊर्जा संरक्षण को लेकर प्रतीकात्मक पहल
मुख्यमंत्री के इस कदम को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक पेट्रोलियम संकट (Petrolium Crisis) के बीच उनका यह संदेश आम लोगों को भी ईंधन बचाने के लिए प्रेरित करने वाला माना जा रहा है। सम्राट चौधरी इससे पहले भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने सरकारी उपयोग में इलेक्ट्रिक कार को भी बढ़ावा दिया है।
पहले कर चुके हैं जनता से अपील
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने लोगों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो बड़े स्तर पर ईंधन की बचत संभव है। अब मुख्यमंत्री खुद उसी अपील पर अमल करते नजर आए, जिसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उनके इस कदम की चर्चा तेज हो गई।
बिहार सरकार में दिख रहा असर
प्रधानमंत्री Narendra Modi की ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत संबंधी अपील का असर अब बिहार सरकार में भी दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने भी अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा दी है और सादगी अपनाने की कोशिश शुरू की है।
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