नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आईआरसीटीसी होटल घोटाले (IRCTC Hotel Scam) मामले में पूर्व रेल मंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की याचिका पर नोटिस जारी कर दिया। लालू यादव ने सीबीआई मामले में निचली अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने को चुनौती दी है। हालांकि, हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई है।
CBI को नोटिस, लेकिन आदेश पर राहत नहीं
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत के आदेश के खिलाफ तत्काल कोई राहत नहीं दी जाएगी। स्थगन याचिका पर सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की गई है। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, “पहले उन्हें जवाब दाखिल करने दें, उसके बाद स्थगन के मुद्दे पर सुनवाई की जाएगी।”
14 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करे। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी, जिसमें अदालत स्थगन याचिका सहित अन्य पहलुओं पर विचार करेगी।
लालू यादव की ओर से कपिल सिबल ने रखी दलील
लालू प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल, वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह (एकता वत्स की सहायता से), अधिवक्ता वरुण जैन और नवीन कुमार ने अदालत में पक्ष रखा और निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, सीबीआई की ओर से सहायक अधिवक्ता डी.पी. सिंह और अधिवक्ता मनु मिश्रा पेश हुए।
क्या है आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामला
यह मामला उस समय का है, जब लालू यादव केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी से जुड़े होटलों के संचालन और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं। सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था।
निचली अदालत ने लगाए थे गंभीर आरोप
अक्टूबर 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विशाल गोगने ने लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे। अदालत ने माना था कि लालू ने रेल मंत्री रहते हुए निविदा प्रक्रिया की पात्रता शर्तों में हेरफेर करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।
परिवार के अन्य सदस्यों पर भी आरोप
इस मामले में लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे तेजस्वी यादव पर भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय किए गए हैं।
लालू यादव का दावा-आदेश गलत
लालू यादव का कहना है कि ट्रायल कोर्ट का आदेश गलत है और उनके खिलाफ बिना ठोस आधार के आरोप लगाए गए हैं। इसी को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई को नोटिस जारी किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी निगाहें 14 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
चारा घोटाला का मुख्य आरोपी कौन था?
पशुओं को खिलाये जाने वाले चारे के नाम से सरकारी खजाने का पैसा का गबन किया गया। चारा घोटाले में दोषी पाये जाने वाले लोगों में लालू प्रसाद यादव सबसे प्रमुख व्यक्ति हैं। लोकसभा में प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया और सीबीआई जाँच की माँग की गयी।
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