Taj Mahal danger : ताजमहल के संरक्षण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। विश्व धरोहरों में शामिल ताजमहल के आसपास बढ़ते पर्यावरणीय नुकसान पर ट्रिब्यूनल ने गहरी चिंता जताई है। ताजमहल के आसपास हो रहे अवैध निर्माण और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर NGT ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
आगरा में स्थित ताज हेरिटेज ज़ोन को पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसके बावजूद यहां नियमों की अनदेखी कर गतिविधियां की जा रही हैं। हरित पट्टी में सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई से वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे ताजमहल की संगमरमर संरचना को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
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पहले से ही यमुना नदी के प्रदूषण और आसपास के उद्योगों से निकलने वाले धुएं के कारण ताजमहल का रंग प्रभावित हो रहा है। अब पेड़ों की कटाई से उड़ने वाली धूल (Taj Mahal danger) इसके क्षरण को और तेज कर सकती है। इस पर संज्ञान लेते हुए NGT ने उत्तर प्रदेश सरकार और आगरा विकास प्राधिकरण को अवैध निर्माण तत्काल रोकने, दोषियों पर भारी जुर्माना लगाने और क्षति की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा है कि काटे गए पेड़ों के बदले दोगुने पेड़ लगाए जाएं और पूरे क्षेत्र को फिर से हरित बनाया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि ताजमहल सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है, जिसकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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