Indian Economy- ब्रसेल्स की डील बदलेगी भारत का आर्थिक भविष्य

Read Time:  1 min
ब्रसेल्स
ब्रसेल्स
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली। नया साल भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के लिए निर्णायक मोड़ लेकर आया है। 8 और 9 जनवरी को ब्रसेल्स में होने वाली मंत्रिस्तरीय वार्ता देश के व्यापारिक भविष्य की दिशा तय कर सकती है। ऐसे समय में जब अमेरिकी प्रशासन की ओर से बढ़ते टैरिफ (Tarrif) और व्यापारिक प्रतिबंधों की आशंका बनी हुई है, भारत यूरोपीय संघ के साथ व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने की कोशिश में जुटा है। यदि यह वार्ता सफल रहती है, तो यह भारतीय आर्थिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय साबित हो सकती है।

पीयूष गोयल की ब्रसेल्स यात्रा, एफटीए पर अहम चर्चा

इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) दो दिवसीय दौरे पर ब्रसेल्स जा रहे हैं। यहां वे यूरोपीय संघ के व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा मामलों के आयुक्त मारोस सेफ्कोविच के साथ बातचीत करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में आ रही बाधाओं को दूर करना और लंबित मुद्दों पर सहमति बनाना है।

कार्बन टैक्स और टैरिफ बने बड़ी चुनौती

एफटीए की राह में सबसे बड़ी अड़चन यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) है। इसके तहत अधिक कार्बन उत्सर्जन वाले उत्पादों—जैसे स्टील और एल्युमीनियम—पर अतिरिक्त कर लगाया जाएगा। यह भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी चुनौती है। इसके अलावा यूरोपीय संघ ऑटोमोबाइल, वाइन, स्पिरिट और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क घटाने का दबाव बना रहा है, जबकि भारत कृषि और घरेलू उद्योगों के हितों को लेकर सतर्क है।

सफलता मिली तो निर्यात और निवेश को मिलेगा बड़ा बल

इन चुनौतियों के बावजूद यदि समझौता सफल होता है, तो भारत को दूरगामी लाभ मिलेंगे। एफटीए के तहत भारतीय उत्पादों को यूरोप के 26 देशों के बड़े बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। वर्तमान में भारत-ईयू द्विपक्षीय व्यापार करीब 120 अरब डॉलर का है और समझौते के बाद इसे 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

Read also Rajsamand : कार में जिंदा जली मासूम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

भारत बनेगा वैश्विक आपूर्ति केंद्र

कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को इस समझौते से सीधा फायदा होने की उम्मीद है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यूरोपीय संघ के साथ मजबूत व्यापारिक गठबंधन भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक आपूर्ति केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।