Moong Dal: गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए रोजाना खाएं मूंग की दाल

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चिलचिलाती गर्मी में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए मूंग की दाल का सेवन करें. साथ ही इसके फायदे और इसे खाने के आसान तरीके के बारे में जानिए-

गर्मी का मौसम आते ही शरीर में थकान और डिहाइड्रेशन की दिक्कत होने लगती है. अगर आप भी इस चिलचिलाती गर्मी में स्वस्थ रहना चाहते हैं और शरी को भीतर से ठंडा रखना चाहते हैं, तो मूंग की दाल को रोजना की डाइट में शामिल करें. मूंग की दाल न केवल हल्की और आसानी से पचने वाली होती है, बल्कि यह शरीर को ठंडा रखने में भी मदद करती है।

क्यों है मूंग की दाल खास?

मूंग की दाल में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं.  यह पेट को ठंडक देती है और पाचन ठीक रखने में मदद करती है. इसके अलावा मूंग दाल खाने से पेट हल्का रहता है और शरीर को एनर्जी मिलती है।

मूंग की दाल खाने के फायदे

  • शरीर में गर्मी कम करती है।
  • पाचन में सुधार करती है।
  • स्किन को हेल्दी बनाती है।
  • वज़न घटाने में मदद करती है।
  • दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है।

कैसे खाएं मूंग की दाल?

गर्मियों में मूंग दाल की हल्की-फुल्की खिचड़ी एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसे सब्ज़ियों के साथ बनाएं और थोड़ा घी डालें, इससे स्वाद और पौष्टिकता दोनों एकसाथ मिलेंगे।

उबली हुई मूंग दाल में हल्का नमक, काली मिर्च और नींबू मिलाकर सूप बना लें। 

मूंग दाल को अंकुरित करके सलाद के रूप में खाएं. इसमें ककड़ी, टमाटर, नींबू और थोड़ा चाट मसाला मिलाकर स्वाद बढ़ा सकते हैं।

अगर सुबह के नाश्ते में हेल्दी विकल्प चाहिए, तो मूंग दाल का चीला बनाएं. यह प्रोटीन से भरपूर होता और इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती।

कितनी मात्रा में खाएं मूग दाल? 

दिन में 1 कप पकी हुई मूंग दाल या ½ कप स्प्राउट्स काफी होते हैं. जरूरत से ज़्यादा खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है, इसलिए संतुलन बनाए रखें. कोशिश करें कि मूंग दाल में ज्यादा तेल और मसाले न डालें. रात में स्प्राउट्स खाने से बचें, क्योंकि ये कुछ लोगों को भारी लग सकते हैं. बच्चों और बुजुर्गों के लिए मूंग दाल का सूप या खिचड़ी सबसे अच्छा ऑप्शन है. गर्मियों में शरीर को हेल्दी और कूल रखना है, तो मूंग दाल को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना शुरू करें. ये न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत का भी खजाना है।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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