Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल

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प्रमोद महाजन के भाई की शिंदे से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी चर्चाएं

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दिवंगत नेता (Pramod Mahajan) प्रमोद महाजन के भाई की मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

शिंदे से हुई अहम मुलाकात

बंद कमरे में बातचीत, सियासी मायने तलाशे जा रहे- सूत्रों के मुताबिक यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में चर्चा हुई, जिसके बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं

महाराष्ट्र की राजनीति में राजठाकरे (Raj Thackeray) की मनसे को बड़ा झटका लग सकता है. प्रमोद महाजन के भाई और मनसे नेता प्रकाश महाजन जल्द ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. जनवरी में यहां बीएमसी और नगर निकाय के चुनाव हैं ऐसे में अगर एक अनुभवी नेता पार्टी से चला जाता है तो पार्टी को राजनीति के लिहाज से भारी नुकसान होगा।

जनवरी के महीने में महाराष्ट्र में बीएमसी समेत कई नगरपालिकाओं के चुनाव होने वाले हैं. इसी बीच प्रमोद महाजन के बड़े भाई और मनसे नेता प्रकाश महाजन ने शिवसेना के मुख्य नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, प्रकाश महाजन जल्द ही शिवसेना में पार्टी शामिल हो सकते हैं. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि आज वो राज ठाकरे की मनसे छोड़ कर सकते हैं।

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ठाणे में उनके औपचारिक रूप से शिवसेना में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. उनके शिवसेना में शामिल होने के बाद मनसे को बड़ा झटका लग सकता है. यदि प्रकाश महाजन शिवसेना में आते हैं, तो मराठवाड़ा क्षेत्र में पार्टी की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है. साथ ही, उन्हें शिवसेना में कौन-सा महत्वपूर्ण पद सौंपा जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक जाना-माना चेहरा

राज ठाकरे पिछले तीन दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक जाना-माना चेहरा रहे हैं. अपनी भाषण कला के लिए मशहूर, वह अक्सर चुनावी मौसम में सुर्खियों का हिस्सा रहते हैं. हालांकि, विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की करारी हार के बाद उनपर कई तरह के सवाल उठ रहे थे. इसी बीच कयास है कि वो एक अनुभवी नेता प्रकाश महाजन को अपनी पार्टी से खो सकते हैं।

चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से गठबंधन का ऐलान

इसी बुधवार को राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. पार्टी के हालात को देखते हुए उन्होंने उद्धव ठाकरे के साथ आने का फैसला लिया. एक साल पहले तक दोनों महाराष्ट्र की राजनीति में एक दूसरे के कट्टर दुश्मन की तरह माने जाते थे।

राज ठाकरे ने 2005 में शिवसेना(जो अब UBT का हिस्सा है) छोड़ दी थी. उसके बाद इसके अगले साल ही मनसे नाम से अपनी एक नई पार्टी बनाई. मनसे ने 2009 में अपने पहले विधानसभा चुनाव में 13 सीटें जीती थीं और अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की थी।

मौजूदा हालातों में मनसे की राजनीतिक स्थिति पहले की तरह नहीं रह गई है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद मनसे के पास बीएमसी चुनाव एक बेहतर मौके की तरह दिख रहा है और वो इस मौके को किसी भी तरह से जाने नहीं देना चाहती, इसलिए काफी समय बाद वो अपने चचेरे भाई के साथ औपचारिक रूप से गठबंधन का ऐलान किया. लेकिन इसी बीच प्रकाश महाजन जैसे वरिष्ठ नेता को अगर वो अपनी पार्टी से खो देते हैं तो उनके लिए ये काफी बड़ा नुकसान होगा।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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