Kanpur News : मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा बेटा

Read Time:  1 min
कमिश्नर ऑफिस
कमिश्नर ऑफिस
FONT SIZE
GET APP

ITBP जवान की दर्दभरी कहानी ने सबको झकझोर दिया

एक दिल दहला देने वाली घटना में ITBP जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंच गया। जवान का आरोप है कि वह पिछले तीन दिनों से थाने के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

3 दिन तक मदद की गुहार- जवान के मुताबिक उसकी मां पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उनका हाथ कट गया। घटना के बाद परिवार इंसाफ की मांग लेकर लगातार पुलिस स्टेशन जाता रहा, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

Kanpur News: कानपुर में एक (ITBP) जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा, जहां उसने मेडिकल लापरवाही पर न्याय की गुहार लगाई. जवान की मां का हाथ गलत इलाज के चलते काटा गया था. तीन दिन से थाने के चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई न होने पर जवान ने यह कदम उठाया. कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और FIR के आदेश दिए हैं।

 उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां आईटीबीपी एक जवान अपनी मां कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंच गया. कटा हाथ (Severed Hand) देख कानपुर कमिश्नर समेत वहां मौजूद सभी लोगों हैरत में पड़ गए. दरअसल, थर्माकोल के डब्बे में एक आईटीबीपी का जवान अपनी मां का कटा हाथ लेकर पहुंचा।

पीड़ित ने बताया कि वह तीन दिन से इंसाफ के लिए पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा था

पीड़ित ने बताया कि वह तीन दिन से इंसाफ के लिए पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा था लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. कानपुर के टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल में उसकी मां के गलत इलाज के चलते हाथ में इंफेक्शन हो गया था. लोगों ने उनके इन्फेक्शन दूर करने के लिए उन्हें पारस अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनकी जान बचाने के नाम पर उनका हाथ काट दिया गया।

अन्य पढ़े: Lucknow : मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को मिली मंजूरी

आईटीबीपी के जवान ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ शिकायत करने के लिए वो थाना रेल बाजार पहुंचा तो वहां पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. उसने बताया कि मां का 3 दिन पहले हाथ काटा गया था. इसके बाद से जवान उसे थर्माकोल के डब्बे में रखकर शहर में इंसाफ के लिए घूम रहा था. कहीं सुनवाई न होने पर जवान पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के कार्यालय पहुंच गया, जहां उसने अपनी पीड़ा बायां की. जवान की पीड़ा सुन और डब्बा खोलते ही उसका नजारा देखकर वहां मौजूद लोग विचलित हो गए।

कमिश्नर को सुनाई पीड़ा

कानपुर कमिश्नर रघुवीर लाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरिदत्त नेमी को मामले की जांच के साथ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. आईटीबीपी के जवान विकास सिंगर ने बताया कि उनकी मां को सांस लेने में दिक्कत थी।

उन्हें लेकर पारस अस्पताल जा रहा था, तभी रास्ते में हालत बिगड़ने पर कटनी चौराहे के पास स्थित कृष्णा हॉस्पिटल लेकर गया. यहां पर उनकी हालत क्रिटिकल बताते हुए उन्हें वेंटिलेटर पर डाल दिया गया. इसके दो दिन बाद सांस की दिक्कत तो ठीक हो गई, लेकिन उनके हाथ में इंफेक्शन हो गया।

जांच और कार्रवाई के आदेश

उन्होंने जब अपने मुख्यालय आईटीबीपी महाराजपुर कानपुर में अधिकारियों से बात की. उन्होंने कहा कि वह अस्पताल बेकार है, तुम मां को लेकर पारस हॉस्पिटल जाओ. इसके बाद जब वह मां को पारस अस्पताल लेकर पहुंचा तो वहां डॉक्टर ने बताया कि उनके मां के हाथ में इंफेक्शन बढ़ गया है. जान बचाने के लिए उनका हाथ काटना पड़ेगा. जवान ने कृष्ण हॉस्पिटल थाना रेल बाजार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल की लापरवाही के चलते उनकी मां का हाथ काटना पड़ा, जिसके लिए उस अस्पताल पर कार्रवाई के साथ ही वह इंसाफ चाहते हैं।

अन्य पढ़े:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।