नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Railway Minister Ashwini Vaishnav) ने मंगलवार को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के ट्रायल रन का वीडियो साझा किया, जिसमें कोटा–नागदा रेल खंड पर ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते हुए देखा जा सकता है।
तेज रफ्तार में भी पानी का गिलास नहीं छलका
इस ट्रायल की खास बात यह रही कि ट्रेन के भीतर पानी से भरा गिलास रखा गया था, लेकिन तेज रफ्तार के बावजूद पानी की एक बूंद भी नहीं छलकी।
स्थिरता और सुरक्षा मानकों की हुई कड़ी जांच
यह परीक्षण सिर्फ स्पीड टेस्ट नहीं था, बल्कि ट्रेन की स्थिरता, संतुलन और सुरक्षा मानकों को परखने के लिए किया गया। इस दौरान विशेष वाटर टेस्ट किया गया, जिससे यात्रियों को झटकों और कंपन से राहत मिलने की पुष्टि हुई।
सीआरएस की निगरानी में हुआ परीक्षण
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) ने स्वयं इस ट्रायल रन का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे तकनीकी रूप से सफल बताया।
लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन की गई ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को खासतौर पर लंबी दूरी की यात्राओं को आरामदायक और समय बचाने वाला बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मौजूदा वंदे भारत चेयर कार का उन्नत संस्करण है, जिसमें सोने की सुविधा उपलब्ध होगी।
16 कोच वाला प्रोटोटाइप
वंदे भारत स्लीपर के प्रोटोटाइप में कुल 16 कोच शामिल हैं। इनमें 11 एसी थ्री-टियर, 4 एसी टू-टियर और 1 एसी फर्स्ट-क्लास कोच रखा गया है।
विमानों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं
इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन (Semi High Speed Train) में बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, दिव्यांगों के लिए सुलभ शौचालय, बेबी केयर यूनिट और फर्स्ट-क्लास यात्रियों के लिए गर्म पानी वाले शॉवर क्यूबिकल जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
सुरक्षा और आराम का खास ख्याल
ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और मनोरंजन के लिए सीसीटीवी कैमरे, विजुअल डिस्प्ले सिस्टम, मॉड्यूलर पैंट्री, हर बर्थ पर रीडिंग लैंप और चार्जिंग सॉकेट दिए गए हैं। गद्देदार बर्थ और आसान सीढ़ियों के साथ यह ट्रेन रेल यात्रा का अनुभव बदलने के लिए तैयार है।
वंदे भारत का मालिक कौन है?
वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे द्वारा संचालित मध्यम से लंबी दूरी की अर्ध-उच्च गति वाली एक्सप्रेस ट्रेन सेवा है।
भारत में कुल कितने वंदे भारत चल रहे हैं?
बनारस-खजुराहो वंदे भारत के अलावा, उन्होंने फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत को भी हरी झंडी दिखाई। इन चार नई ट्रेनों के साथ, देश में चालू वंदे भारत ट्रेनों की कुल संख्या अब 160 से अधिक हो गई है।
Read More :