भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी सैन्य रेखा है. 1972 के शिमला समझौते के तहत इसे मान्यता मिली. LoC पर अक्सर तनाव और घुसपैठ की घटनाएं होती रहती हैं.
जब भारत पाकिस्तान की बात होती है तो एक शब्द अक्सर चर्चा में आता है. LoC, जिसका फुलफॉर्म होता है Line of Control जिसे हिन्दी में नियंत्रण रेखा कहा जाता है. नियंत्रण रेखा भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र में एक सैन्य रेखा है, जो दोनों देशों के नियंत्रण वाले हिस्सों को अलग करती है.इसे दोनों देशों ने 1972 के शिमला समझौते के तहत स्वीकार किया था।
LoC लगभग 740-776 किलोमीटर लंबी है, जो लद्दाख के उत्तरी छोर से लेकर जम्मू के पूंछ जिले तक फैली हुई है. अक्सर यह देखा गया है पाकिस्तान की ओर से LoC पर लेकर दोनों देशों के बीच तानातनी रहती है.पाकिस्तान एलओसी के जरिये ही घुसपैठ की कोशिश करता रहता है जिसे भारतीय सेना नाकाम करती रहती है।
India Pakistan LOC: क्या है LOC की पूरी कहानी
नियंत्रण रेखा का इतिहास भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 में हुए बंटवारे से जुड़ा है.1947 में भारत के विभाजन के बाद जम्मू-कश्मीर एक रियासत थी,जिसके शासक महाराजा हरि सिंह ने शुरू में स्वतंत्र रहने का फैसला किया था, जिसके बाद अक्टूबर 1947 में पाकिस्तान समर्थित कबायली लश्करों ने कश्मीर पर आक्रमण कर दिया. महाराजा हरि सिंह ने भारत से सैन्य सहायता मांगी और भारत के साथ विलय पत्र (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए.जिसके बाद भारतीय सेना ने हस्तक्षेप किया।
जिससे भारत पाकिस्तान के बाद विवाद की स्थिति बन गई और युद्ध शुरू हो गया जो 1948 के अंत तक चला.1949 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की मध्यस्थता से युद्धविराम की घोषणा हुई. 27 जुलाई 1949 को दोनों देशों ने कराची समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत युद्धविराम रेखा (Ceasefire Line-CFL)स्थापित की गई. यह रेखा दोनों सेनाओं की तत्कालीन स्थिति के आधार पर खींची गई थी।
भारत को जम्मू-कश्मीर
जबकि शेष 35% हिस्सा पाकिस्तान के नियंत्रण में रहा. यह रेखा मणवर (जम्मू) से शुरू होकर केरन तक उत्तर की ओर थी. इसके बाद 1965 में पाकिस्तान ने ऑपरेशन जिब्राल्टर के तहत भारतीय कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश की. जिसके बाद भारत पाकिस्तान के बीच दूसरी बार युद्ध हुआ. इस युद्ध के बाद 1966 में ताशकंद समझौते के तहत युद्धविराम हुआ।
1971 में तीसरे भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत ने निर्णायक जीत हासिल की. इस युद्ध के बाद पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्र हुआ. 1971 के युद्धविराम के बाद, दोनों देशों ने 3 जुलाई 1972 को शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते ने युद्धविराम रेखा को नियंत्रण रेखा (LoC)का नाम दिया गया और दोनों देशों ने इसे क्रॉस न करने का वादा किया.इस समझौते में कहा गया कि दोनों पक्ष LoC को एकतरफा रूप से बदलने की कोशिश नहीं करेंगे और विवादों को बातचीत से हल करेंगे।
अक्सर पाकिस्तान से आतंकी LoC पार करके कश्मीर के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश करते हैं.जिसकी वजह से यहां अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है.भारत में 2016 का उड़ी हमला हो या 2019 का पुलवामा हमला इन दोनों मामलों में आतंकी एलओसी के रास्ते ही भारत में घुसे थे. LoC पर युद्धविराम टूटना आम है.2025 में पहलगाम हमले के बाद भी पाकिस्तान ने कई बार गोलीबारी की.भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ LoC पर शांति के लिए आपस में हॉटलाइन पर बात करते हैं।
Read more: Operation Sindoor: पाकिस्तान के लिए भारतीय सेना का वीडियो संदेश, शर्म से धंस जाएंगे पाकिस्तानी