नई दिल्ली। भारत की अनुभवी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल (Syna Nehwal) ने कहा है कि उभरती हुई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टिके रहने के लिए अपनी फिटनेस और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना जरूरी है।
युवाओं में आक्रामकता की कमी पर ध्यान
साइना ने बताया कि युगल में खेल रही युवा खिलाड़ियों में आक्रामकता की कमी नजर आई है, जिसे दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चोट लगना खेल का हिस्सा है, लेकिन इससे बचने के प्रयास भी खिलाड़ी करें।
फिटनेस और कोचिंग का संबंध
साइना ने कहा, “अगर आप 100 फीसदी फिट हैं तो कोचिंग कठिन नहीं है। लगातार खिताब जीतने और शरीर को मजबूत बनाने के लिए अच्छे ट्रेनर और फिजियो की जरूरत है।” उन्होंने जोर दिया कि मानसिक तैयारी तो सभी की अच्छी होती है, लेकिन शारीरिक फिटनेस (Health fitness) और ताकत भी जरूरी है।
युवा खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन पर टिप्पणी
साइना ने कहा कि युवा खिलाड़ी लक्ष्य ने 2025 सत्र में ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 फाइनल में जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि जीत से मनोबल बढ़ता है और यह संकेत है कि खिलाड़ी फॉर्म में लौट रहे हैं।
प्रशंसा और दबाव का संतुलन
साइना ने कहा, “एक खिलाड़ी के तौर पर प्रशंसा और आलोचना दोनों का सामना करना पड़ता है। शीर्ष स्तर पर खिलाड़ी होने के कारण लगातार जीत की अपेक्षा रहती है, और इसके लिए अतिरिक्त दबाव भी है।”
असली साइना कौन हैं?
साइना का जन्म 17 मार्च 1990 को हिसार, हरियाणा के एक जाट परिवार मेंं हुआ था। इनके पिता का नाम डॉ॰ हरवीर सिंह नेहवाल और माता का नाम उषा नेहवाल है। साइना साईं के नाम से बना है। सायना ने शुरुआती प्रशिक्षण हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम, हैदराबाद में कोच नानी प्रसाद से प्राप्त किया।
साइना नेहवाल की आयु क्या है?
साइना नेहवाल (जन्म 17 मार्च, 1990, हिसार, हरियाणा, भारत) ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
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