T 20 World Cup Final- अहमदाबाद में रनफेस्ट की उम्मीद, 200 पार जा सकता है स्कोर

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अहमदाबाद
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नई दिल्ली । आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला 8 मार्च को टीम इंडिया (Team India) और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) में खेला जाना है। जहां डिफेंडिंग चैंपियन भारत के सामने कीवी टीम कड़ी चुनौती पेश करेगी। एक रिपोर्ट के अनुसार इस मैच के लिए तैयार की गई पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जा रही है और यहां लगभग 200 रन या उससे अधिक का स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जा सकता है।

सेंटर विकेट पर खेला जाएगा फाइनल

मिली जानकारी के मुताबिक फाइनल मुकाबला सेंटर विकेट पर खेला जाएगा। इसी पिच का उपयोग पहले एक मैच में किया गया था, जिसमें साउथ अफ्रीका ने कनाडा टीम (Canada Team) के खिलाफ 213/4 का बड़ा स्कोर बनाया था और 57 रन से जीत दर्ज की थी। इससे संकेत मिलते हैं कि पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रह सकती है और यहां हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है।

तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद

रिपोर्ट के अनुसार इस विकेट पर स्पिन गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलने की संभावना कम है, जबकि तेज गेंदबाजों को अच्छी गति और उछाल मिल सकती है। पिच का व्यवहार कुछ हद तक मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच जैसा रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी मैदान पर भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

लाल और काली मिट्टी से तैयार की गई नई पिच

बताया जा रहा है कि फाइनल के लिए तैयार की गई पिच पूरी तरह ताजा होगी और इसे लाल तथा काली मिट्टी के मिश्रण से तैयार किया गया है। यह पिच 2023 के आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में इस्तेमाल की गई पिच से काफी अलग होगी। उस समय इस्तेमाल की गई पिच पूरी तरह काली मिट्टी की थी और पहले से उपयोग में लाई जा चुकी थी, जिसके कारण वह धीमी और कम उछाल वाली हो गई थी।

2023 फाइनल की पिच को लेकर हुआ था विवाद

2023 के फाइनल में भारतीय टीम 240 रन पर ऑलआउट हो गई थी, जो बाद में कम स्कोर साबित हुआ। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम कर लिया था। उस समय पिच चयन को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। आमतौर पर आईसीसी टूर्नामेंट में पिच की तैयारी आईसीसी के क्यूरेटर की निगरानी में होती है, लेकिन उस फाइनल के दौरान खबरें आई थीं कि बीसीसीआई और भारतीय टीम ने पिच चयन में अपनी राय दी थी। बाद में उस फैसले की काफी आलोचना हुई थी।

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बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों की भी होगी परीक्षा

इस बार यह स्पष्ट नहीं है कि पिच तैयार करने में भारतीय टीम या बीसीसीआई की कितनी भूमिका रही है, लेकिन अगर पिच सपाट और बल्लेबाजी के अनुकूल रहती है तो इसका फायदा भारत के आक्रामक बल्लेबाजों को मिल सकता है। खासकर सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी ऐसे विकेट पर तेजी से रन बना सकते हैं।

आमतौर पर कठिन और धीमी पिचें कमजोर टीमों को मुकाबले में बने रहने का मौका देती हैं, क्योंकि बड़े स्कोर बनाना मुश्किल हो जाता है। वहीं सपाट पिच पर मजबूत और अनुभवी बल्लेबाजी लाइनअप वाली टीमों को बढ़त मिलती है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, लेकिन मुकाबला काफी करीबी रहा और टीम सिर्फ 7 रन से जीत पाई। उस मैच में जसप्रीत बुमराह को छोड़कर बाकी गेंदबाजों ने काफी रन खर्च किए थे। ऐसे में अगर फाइनल मुकाबला भी बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर खेला जाता है तो भारतीय गेंदबाजों के लिए असली परीक्षा होगी। टीम को बुमराह के साथ वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पांड्या से न्यूजीलैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ अहम विकेट लेने की उम्मीद रहेगी।

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Anuj Kumar

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