गुकेश की लगातार दूसरी हार
स्पोर्ट्स डेस्क: प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को मात दे दी है। इस बेहद कड़े और रोमांचक क्लासिकल मुकाबले में प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को हराकर पूरे 3 अंक हासिल किए। इस ऐतिहासिक जीत(Epic Win) के साथ प्रज्ञानानंदा कुल 4.5 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यह दूसरा मौका है जब प्रज्ञानानंदा ने क्लासिकल फॉर्मेट में इस पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को घुटने टेकने पर मजबूर किया है; इससे पहले उन्होंने 2024 में भी कार्लसन को हराया था। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने कहा कि मुकाबला बेहद करीबी था और आखिरी समय में बाजी किसी भी तरफ पलट सकती थी।
Norway Chess: वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश की खराब फॉर्म जारी, 5 घंटे के संघर्ष के बाद फिरोजा से हारे
एक तरफ जहां प्रज्ञानानंदा ने जीत का परचम लहराया, वहीं दूसरी तरफ मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश की खराब फॉर्म इस टूर्नामेंट में भी जारी रही। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ गुकेश का क्लासिकल मुकाबला करीब 5 घंटे तक चला और ड्रॉ पर छूटा। इसके बाद परिणाम निकालने के लिए खेले गए आर्मगेडन (टाई-ब्रेकर) मुकाबले में फिरोजा ने बाजी मार ली। चोटिल होने के बावजूद व्हीलचेयर और मून बूट पहनकर खेल रहे फिरोजा 7.5 अंकों के साथ टूर्नामेंट में टॉप पर बने हुए हैं, जबकि गुकेश लगातार दूसरा राउंड हारकर 3.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर खिसक गए हैं। अगले दौर में गुकेश का सामना मैग्नस कार्लसन से होगा, जो फिलहाल 1.5 अंकों के साथ सबसे नीचे हैं।
अन्य पढ़े: दूरंतो ट्रेन में गंदगी का खुलासा
महिला वर्ग में दिव्या देशमुख का जलवा, असाउबायेवा को हराकर नंबर-2 पर जमाया कब्जा
विमेंस कैटेगरी (महिला वर्ग) से भारत के लिए बेहतरीन खबर आई है। भारत की उभरती हुई खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट की लीडर बिबिसारा असाउबायेवा को आर्मगेडन मुकाबले में शिकस्त दे दी। इस टूर्नामेंट में दिव्या की यह लगातार तीसरी टाइब्रेकर जीत है। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत वे अब 4.5 अंक लेकर अंक तालिका में दूसरे स्थान पर मजबूती से डटी हुई हैं। हालांकि, भारत की सीनियर खिलाड़ी कोनेरू हम्पी के लिए टूर्नामेंट अच्छा नहीं रहा है, वे अन्ना मुजिचुक से हारकर महज दो अंकों के साथ सबसे आखिरी स्थान पर चल रही हैं।
चेस टूर्नामेंट्स में इस्तेमाल होने वाला ‘आर्मगेडन’ (Armageddon) मुकाबला क्या होता है और इसमें विजेता का फैसला कैसे किया जाता है?
चेस (शतरंज) में आर्मगेडन एक ‘सडन-डेथ’ टाई-ब्रेकर गेम होता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई क्लासिकल मैच ड्रॉ हो जाता है और उस राउंड का स्पष्ट विजेता चुनना जरूरी होता है। आर्मगेडन की खास बात यह है कि इसमें मैच कभी ड्रॉ नहीं हो सकता। इस मुकाबले में सफेद मोहरों (White) से खेलने वाले खिलाड़ी को समय का थोड़ा फायदा (ज्यादा समय) मिलता है, लेकिन उसके लिए मैच जीतना अनिवार्य होता है। वहीं काले मोहरों (Black) से खेलने वाले खिलाड़ी के पास समय कम होता है, लेकिन अगर वह मैच को सिर्फ ड्रॉ कराने में भी कामयाब हो जाए, तो काले मोहरों वाले खिलाड़ी को ही विजेता घोषित कर दिया जाता है।
अन्य पढ़े: