फिटनेस रिपोर्ट ने बढ़ाई चयनकर्ताओं की चिंता
बेंगलुरु: भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर(Shreyas Iyer) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए अभी और इंतजार करना होगा। बीसीसीआई (BCCI) के सूत्रों के अनुसार, अय्यर को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। फिलहाल वे बेंगलुरु स्थित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी’ में अपनी चोट से उबर रहे हैं। मेडिकल टीम की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, वे वनडे जैसे लंबे फॉर्मेट के लिए अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, जिसके कारण चयन समिति उन्हें स्क्वॉड में शामिल करने का जोखिम नहीं लेना चाहती।
चोट का फ्लैशबैक: ऑस्ट्रेलिया दौरे में हुए थे चोटिल
अय्यर की इस चोट की शुरुआत अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया(Australia) दौरे के दौरान हुई थी। सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे मैच में एक कठिन कैच लपकने के प्रयास में वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। एलेक्स कैरी का कैच पकड़ने के लिए पीछे की ओर दौड़ते समय उनकी(Shreyas Iyer) बाईं पसली में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। जांच में पता चला कि उनकी स्प्लीन (तिल्ली) में चोट आई है, जो शरीर का एक बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अन्य पढ़े: टी-20 इंटरनेशनल में महा-रिकॉर्ड
स्प्लीन क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
स्प्लीन, जिसे हिंदी में तिल्ली कहा जाता है, पेट के बाईं ओर पसलियों के ठीक नीचे स्थित होती है। यह शरीर के इम्यून सिस्टम(Shreyas Iyer) का एक अनिवार्य हिस्सा है। इसका मुख्य कार्य रक्त को फिल्टर करना और खराब लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) को नष्ट करना है। इसके अलावा, यह संक्रमण से लड़ने के लिए सफेद रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है और आपात स्थिति के लिए प्लेटलेट्स का भंडारण भी करता है। इस अंग में चोट लगने से रिकवरी में अधिक समय लगता है, क्योंकि यह शारीरिक गतिविधियों के दौरान शरीर के संतुलन और ऊर्जा प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता है।
श्रेयस अय्यर को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर क्यों रखा जा रहा है?
श्रेयस अय्यर(Shreyas Iyer) को बीसीसीआई की मेडिकल टीम से अभी फिटनेस क्लियरेंस नहीं मिला है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी स्प्लीन (तिल्ली) में लगी चोट अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, जिसके कारण वे मैच की तीव्रता को झेलने के लिए फिट नहीं माने गए हैं।
स्प्लीन (तिल्ली) चोटिल होने पर खिलाड़ी की रिकवरी मुश्किल क्यों होती है?
स्प्लीन शरीर में रक्त के शुद्धिकरण और रोग प्रतिरोधक(Shreyas Iyer) क्षमता का केंद्र है। क्रिकेट जैसे खेल में डाइव लगाने या दौड़ने के दौरान पसलियों के नीचे इस अंग पर दबाव पड़ता है। यदि यह पूरी तरह ठीक न हो, तो दोबारा चोट लगने पर आंतरिक रक्तस्राव का खतरा रहता है, इसलिए डॉक्टर पूरी रिकवरी के बाद ही खेलने की सलाह देते हैं।
अन्य पढ़े: