नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Akash Chopra) का मानना है कि मौजूदा समय में शुभमन गिल (Shubhman Gill) के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी करना बेहद कठिन नजर आ रहा है। आकाश के अनुसार गिल की बल्लेबाजी शैली टी20 क्रिकेट की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप नहीं है, इसलिए उनके लिए इस प्रारूप में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गिल फिलहाल टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट में टीम के अहम खिलाड़ी हैं, लेकिन टी20 में उनकी जगह पक्की नहीं मानी जा सकती।
टी20 प्रारूप में प्रदर्शन रहा साधारण
शुभमन गिल ने पिछले साल टी20 टीम में वापसी की थी, लेकिन वह अपनी जगह लंबे समय तक कायम नहीं रख पाए। एशिया कप (Asia Cup) के दौरान उन्हें टीम का उपकप्तान भी बनाया गया था, लेकिन वह टीम को तेज और आक्रामक शुरुआत देने में सफल नहीं हो सके। वापसी के बाद खेले गए लगभग 15 मैचों में वह एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। इसी कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें आईसीसी टी20 विश्व कप की टीम में शामिल नहीं किया था।
टी20 में आंकड़े भी खास नहीं
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुभमन गिल ने अब तक 36 मैचों में 869 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत करीब 28.03 और स्ट्राइक रेट 138.59 का रहा है। हालांकि ये आंकड़े अच्छे माने जाते हैं, लेकिन मौजूदा समय में भारतीय टीम की आक्रामक बल्लेबाजी रणनीति को देखते हुए चयन की दौड़ काफी प्रतिस्पर्धी हो गई है।
तीनों प्रारूपों के लिए एक कप्तान संभव नहीं
आकाश चोपड़ा का कहना है कि भारतीय टीम में कभी यह सोच थी कि तीनों प्रारूपों के लिए एक ही कप्तान हो, लेकिन अब यह रणनीति व्यावहारिक नहीं लगती। उनके अनुसार गिल टेस्ट और वनडे क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन टी20 में कप्तानी मिलना तो दूर, टीम में जगह बनाना भी फिलहाल मुश्किल दिखाई देता है।
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गिल ने चयनकर्ताओं के फैसले का किया सम्मान
टी20 टीम से बाहर होने के बाद शुभमन गिल ने कहा था कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ी को अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए और जब भी मौका मिले, पूरी क्षमता के साथ टीम के लिए योगदान देना चाहिए। गिल ने कहा कि उन्हें अपने प्रदर्शन और मेहनत पर भरोसा है और जब भी मौका मिलेगा, वह देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश करेंगे।
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