Rajasthan :  उदयपुर में आत्मघाती कदम ने छीन लीं चार जिंदगियां

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पत्नी की हत्या, बच्चों को ज़हर, और खुदकुशी

  • एक ही परिवार में पति, पत्नी और दो मासूम बच्चों की मौत
  • आत्महत्या से पहले पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या की
  • बच्चों को पहले ज़हर दिया गया, फिर खुद फांसी लगाई

Rajasthan: राजस्थान के उदयपुर (Udaipur) में हत्या के बाद आत्महत्या (Suicide) करके एक पति ने सब कुछ खत्म कर दिया. इस खौफनाक वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पति ने पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला. फिर खुद भी पंखे से लटककर जान दे दी. मौके से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे पढ़कर पुलिस भी सन्न रह हई

Rajasthan: मामला हिरणमगरी थाना क्षेत्र के प्रभात नगर का है. सुसाइड नोट में युवक ने आर्थिक रूप से परेशान होना बताया है. लिखा कि मैं परेशान हो चुका हूं. अब हमारे पास कोई रास्ता नहीं है। इस तरह एक हंसता खेलता परिवार पलभर में तबाह हो गया।

जानकारी के मुताबिक, आंबाफला हाल प्रभातनगर सेक्टर-5 में 40 साल के दिलीप चितारा अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे। परिवार में पत्नी अलका (37), बेटा खुश (6) मनवीर (4) थे. दिलीप ने पहले बच्चों को विषाक्त पदार्थ पिलाया, पत्नी का गला घोंटा और फिर खुद ने फंदा लगा लिया. सूचना पर हिरणमगरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया। देखा कि दिलीप चितारा का शव फंदे पर लटक रहा था, वहीं पत्नी और बच्चों के शव पड़े हुए थे. पुलिस ने शवों को मॉर्च्युरी में भिजवाया. फिर उनके परिजनों को सूचना दी।

क्या लिखा सुसाइड नोट में

दिलीप ने सुसाइड नोट में लिखा कि आर्थिक हालात बेहद खराब है. कोरोना के बाद से आर्थिक स्थिति बहुत खराब होती चली गई. इसलिए वह यह कदम उठा रहा है. पुलिस ने बताया कि दिलीप का हिरणमगरी में ही जनरल स्टोर थी. यह दुकान भी किराए की थी।

मकान मालिक को हुआ शक

शुक्रवार को दिनभर किरायेदार दिलीप के पॉर्शन में हलचल नहीं हुई. कोई बाहर भी नहीं निकला तो पहली मंजिल पर रह रहे मकान मालिक रवि सचदेव को संदेह हुआ. उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. ऐसे में उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

परिजनों ने बताया कारण

मृतक के चाचा माणक चितारा ने बताया कि करीब 6 महीने पहले दिलीप ने कर्ज का जिक्र किया था. ऐसे में उसे मकान बेचकर कर्ज उतारने की सलाह दी. इसके बाद कभी चर्चा नहीं की. पिछले दिनों चाचा दिलीप से मिले, लेकिन उसने कर्ज का जिक्र नहीं किया।

उदयपुर राजस्थान Rajasthan का इतिहास क्या है?

रियासत की स्थापना 8वीं शताब्दी में सिसोदिया राजपूतों (राजपूताना के ऐतिहासिक क्षेत्र के योद्धा शासकों) द्वारा की गई थी। बाद में इस राजवंश ने मुस्लिम आक्रमणों का लंबे समय तक प्रतिरोध किया। 18वीं शताब्दी में राज्य को आंतरिक कलह और मराठों के आक्रमणों का सामना करना पड़ा।

उदयपुर को सफेद शहर क्यों कहा जाता है?

उदयपुर को भारत का श्वेत नगर कहा जाता है, क्योंकि यहाँ राजपूत शैली के महलों की बड़ी संख्या है और मुख्य सिटी पैलेस शहर के मध्य में बना है। उस समय, राजपूत राजाओं ने संगमरमर के महल बनवाए थे। इसलिए, शहर के विभिन्न संगमरमर के महलों में सफेद रंग प्रमुख है।

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Surekha Bhosle

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