हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) के मुख्य कार्यालय में सोमवार को आयोजित जनवाणी शिकायत कार्यक्रम को जनता से व्यापक प्रतिक्रिया मिली। लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रखकर आवेदन पत्र प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन), अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य), मुख्य नगर योजनाकार, मुख्य अभियंता, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, निदेशक (UBD), सीएमओएच, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, संयुक्त आयुक्त (प्रशासन), अतिरिक्त सीसीपी सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया और जनता से प्राप्त शिकायतों को स्वीकार किया।
शीघ्र समाधान के लिए उठाए जाएंगे आवश्यक कदम
जोनवार प्राप्त शिकायतों में शमशाबाद जोन में 02, राजेंद्रनगर जोन में 06, चारमीनार जोन में 03, गोलकोंडा जोन में 00, खैरताबाद जोन में 02, सिकंदराबाद जोन में 06 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि मुख्य कार्यालय में 36 शिकायतें दर्ज की गईं। कुल मिलाकर जनवाणी कार्यक्रम में 55 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जीएचएमसी का क्या अर्थ है?
यह हैदराबाद शहर की प्रमुख नगर निगम संस्था है, जिसका पूरा नाम Greater Hyderabad Municipal Corporation होता है। यह शहरी प्रशासन, सफाई, सड़क निर्माण, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और भवन अनुमति जैसे कार्यों का प्रबंधन करती है। शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी इसी संस्था के पास होती है।
जीएचएमसी संपत्ति कर की गणना कैसे की जाती है?
नगर निगम द्वारा संपत्ति कर का निर्धारण यूनिट एरिया वैल्यू या वार्षिक किराया मूल्य के आधार पर किया जाता है। इसमें मकान का आकार, लोकेशन, उपयोग (रिहायशी या व्यावसायिक) और निर्माण की प्रकृति जैसे कारक शामिल होते हैं। तय दर के अनुसार टैक्स लगाया जाता है और कुछ मामलों में छूट या पेनल्टी भी लागू हो सकती है। यह पूरी प्रक्रिया स्थानीय नियमों के अनुसार तय होती है।
तेलंगाना में नया जीएचएमसी क्या है?
राज्य में शहरी विकास के तहत नगर निगम क्षेत्रों का विस्तार और पुनर्गठन समय-समय पर किया जाता है। “नया” शब्द आमतौर पर जीएचएमसी के सीमा विस्तार, नए वार्डों के गठन या प्रशासनिक बदलावों के संदर्भ में उपयोग होता है। इसका उद्देश्य बढ़ती आबादी के अनुसार बेहतर नागरिक सेवाएं प्रदान करना और शहर के विकास को सुव्यवस्थित करना होता है।
तेलंगाना में 100% सब्सिडी योजना क्या है?
राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जाती हैं जिनमें पात्र लोगों को पूरी यानी 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। ऐसी योजनाएं आमतौर पर गरीब, किसान, महिलाओं या विशेष वर्गों के लिए होती हैं। उदाहरण के तौर पर कृषि, स्वरोजगार या सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं में पूरी लागत सरकार द्वारा वहन की जाती है। योजना का लाभ पाने के लिए निर्धारित पात्रता और दस्तावेज पूरे करना जरूरी होता है।
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