Meeting : बिजली क्षेत्र कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समिति गठित होगी- भट्टी

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भट्टी
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विद्युत कर्मचारियों की जेएसी ने ज्ञापन सौंपकर कई मांगें रखीं

हैदराबाद। उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का (Bhatti Vikramarka) ने कहा है कि बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। रविवार को हैदराबाद स्थित प्रजा भवन में विद्युत कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) के नेताओं ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। बैठक के दौरान जेएसी नेताओं ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के निजीकरण को लेकर फैल रही अटकलों पर चिंता व्यक्त की। इस पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में डिस्कॉम का निजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने नेताओं से इस आश्वासन को व्यापक रूप से प्रचारित करने और भ्रामक प्रचार का कड़ा प्रतिवाद करने की अपील की। भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बिजली क्षेत्र को सशक्त बनाने में दें योगदान

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति और अधिकारियों दोनों की जिम्मेदारी है कि वे बिजली क्षेत्र को सशक्त बनाने में योगदान दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि 1912 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि बिजली सेवाएं अधिक प्रभावी और जनहितकारी बन सकें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे प्रत्येक माह एक घंटे कर्मचारियों के यूनियनों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। विद्युत कर्मचारियों की जेएसी ने एक ज्ञापन सौंपकर कई मांगें रखीं, जिनमें तीसरे डिस्कॉम की स्थापना, कर्मचारियों का समायोजन, 2026 पीआरसी का कार्यान्वयन, 2004 तक भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली, नियमित पदोन्नति, नई भर्तियां तथा कारीगरों से संबंधित मुद्दों का समाधान शामिल है।

1 यूनिट बिजली कितने रुपए की होती है?

बिजली की कीमत राज्य, बिजली कंपनी और उपभोग की श्रेणी पर निर्भर करती है। सामान्यतः घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 यूनिट (1 kWh) बिजली का रेट लगभग 4 से 8 रुपये के बीच होता है। कुछ राज्यों में यह दर स्लैब के अनुसार बढ़ती जाती है, यानी जितनी ज्यादा खपत होगी, प्रति यूनिट कीमत भी उतनी अधिक हो सकती है। सरकार समय-समय पर सब्सिडी भी देती है, जिससे वास्तविक बिल कम हो सकता है।

2 किलोवाट बिजली कनेक्शन में क्या-क्या चला सकते हैं?

लगभग 2 किलोवाट लोड वाले कनेक्शन में एक समय पर कई घरेलू उपकरण आराम से चलाए जा सकते हैं। जैसे 2–3 पंखे, 6–8 एलईडी बल्ब, एक टीवी, एक फ्रिज, एक कूलर और कभी-कभी 1 एसी (सीमित उपयोग के साथ)। ध्यान रखना जरूरी है कि सभी भारी उपकरण एक साथ चलाने पर लोड अधिक हो सकता है, जिससे बिजली ट्रिप होने का खतरा रहता है। सही संतुलन बनाकर उपयोग करने से कनेक्शन सुरक्षित रहता है।

300 यूनिट बिजली का बिल कितना होता है?

लगभग 300 यूनिट बिजली का बिल राज्य और टैरिफ स्लैब पर निर्भर करता है। सामान्य अनुमान के अनुसार यह बिल 1500 से 2500 रुपये के बीच हो सकता है। अगर सब्सिडी या फ्री यूनिट की योजना लागू है, तो यह राशि कम भी हो सकती है। इसके अलावा फिक्स्ड चार्ज, मीटर चार्ज और टैक्स भी कुल बिल में शामिल होते हैं, इसलिए अंतिम बिल थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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