Telangana : सरकार ने की पर्यटन क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की घोषणा

Read Time:  1 min
सरकार
सरकार
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। तेलंगाना के पर्यटन, संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव (Jupally Krishna Rao) ने कहा है कि राज्य सरकार तेलंगाना को एक वैश्विक स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनाया जाएगा। गच्चीबौली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में आयोजित “डेस्टिनेशन तेलंगाना – रोड अहेड” कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सरकार की “प्रजापालना प्रगति प्रणालिका” के तहत पर्यटन सप्ताह (Tourism Week) के समापन अवसर पर आयोजित किया गया।

“डेस्टिनेशन तेलंगाना” कॉन्क्लेव में तेज़ निवेश और त्वरित मंजूरी पर जोर

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक प्रगतिशील पर्यटन नीति के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दे रही है और सभी परियोजनाओं के लिए त्वरित मंजूरी (फास्ट क्लियरेंस) सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीपीआर वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जाएगी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत निवेशकों को हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अपने निष्क्रिय परिसंपत्तियों को दीर्घकालिक लीज पर देकर पर्यटन विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाएगी। साथ ही निवेशकों को राज्य में नए और नवाचार आधारित पर्यटन मॉडल जैसे इको-टूरिज्म, मोबाइल ग्लास हाउस, कैनवास टेंट और आधुनिक आतिथ्य सुविधाओं के विकास के लिए आमंत्रित किया गया। मंत्री ने कहा कि पर्यटन केवल मनोरंजन का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम है।

कई विकसित देश पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर

उन्होंने कहा कि कई विकसित देश पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर हैं और तेलंगाना भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में चयनित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किए जाएंगे और सरकार शॉर्टलिस्टेड एजेंसियों के लिए परियोजना डिजाइन और डीपीआर की लागत भी वहन करेगी। कार्यक्रम में पर्यटन विभाग की विशेष मुख्य सचिव वाणी प्रसाद, टीजीटीडीसी चेयरमैन पटेल रमेश रेड्डी, पर्यटन निदेशक लक्ष्मण राजनकांत नायक, एनआईटीएचएम निदेशक वेंकट रमण सहित कई अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सरकार ने कहा कि भोंगिर किला रोपवे जैसी प्रमुख परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है ताकि राज्य में पर्यटन को नई गति मिल सके।

भारत में नंबर 1 पीएम कौन है?

देश में “नंबर 1 प्रधानमंत्री” तय करना व्यक्तिगत राय और उपलब्धियों पर निर्भर करता है। अलग-अलग लोग विकास, नेतृत्व, स्वतंत्रता आंदोलन और आर्थिक नीतियों के आधार पर अलग प्रधानमंत्रियों को श्रेष्ठ मानते हैं। जवाहरलाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं का नाम अक्सर चर्चा में आता है। प्रत्येक प्रधानमंत्री का योगदान अलग-अलग क्षेत्रों में माना जाता है।

PM Modi की सैलरी कितनी है?

नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए वेतन और विभिन्न भत्ते दिए जाते हैं। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री का कुल मासिक वेतन लगभग 2 लाख रुपये से अधिक माना जाता है। इसमें मूल वेतन, संसदीय भत्ता और अन्य सुविधाएं शामिल होती हैं। सरकारी पदों का वेतन समय-समय पर संशोधित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री को सुरक्षा और आधिकारिक आवास जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

मोदी जी कितने पढ़े-लिखे हैं?

नरेंद्र मोदी ने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (MA) तक शिक्षा प्राप्त की है। सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में परास्नातक की पढ़ाई की थी। शिक्षा के अलावा वे लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।