Hyderabad : गोरक्षक कानून को अपने हाथ में न लें – बी. सुमति

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बी. सुमति
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हैदराबाद। बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील करते हुए बी. सुमति , पुलिस आयुक्त, मल्काजगिरी (Malkajgiri) ने कहा कि यह त्योहार सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक है। पर्व के मद्देनज़र आज नरेडमेट पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न विभागों मल्काजगिरी नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग, राजस्व, जल आपूर्ति, अग्निशमन, चिकित्सा एवं परिवहन विभाग के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय और गौ-रक्षक (गोरक्षक) प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें (Meetings) भी की गईं। आयुक्त ने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचना चाहिए तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी खबरों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

बकरीद को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील

उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध वाहन, अवैध परिवहन या कानून-विरोधी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और सहयोग करें। उन्होंने गोरक्षक सदस्यों को निर्देश दिया कि वे कानून को अपने हाथ में न लें, न ही वाहनों को रोकने या व्यक्तियों पर हमले जैसी घटनाओं में शामिल हों। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। विनय कृष्णा रेड्डी, नगर निगम आयुक्त, ने भी कहा कि पशु वध केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जाए और सार्वजनिक स्थानों पर अवशेष न छोड़े जाएं, ताकि स्वच्छता बनी रहे।

नगर निगम कर्मियों को सहयोग करने की अपील की गई। पुलिस ने यह भी बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। बैठक में एलबी नगर डीसीपी अनुराधा , मल्काजगिरी डीसीपी सी.एच. श्रीधर, उप्पल डीसीपी सुरेश, एसबी डीसीपी जी. नरसिम्हा रेड्डी, महिला सुरक्षा डीसीपी उषा रानी, प्रशासन डीसीपी इंदिरा, ट्रैफिक डीसीपी श्रीनिवासुलु, हेडक्वार्टर डीसीपी श्याम सुंदर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बकरा ईद क्यों मनाई जाती है?

ईद-उल-अजहा त्याग, आस्था और बलिदान की भावना के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। इस्लामी मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहीम ने अल्लाह के आदेश का पालन करने के लिए अपने पुत्र की कुर्बानी देने की तैयारी दिखाई थी। उनकी श्रद्धा और समर्पण की याद में यह त्योहार मनाया जाता है। इस अवसर पर नमाज अदा की जाती है और जरूरतमंदों की मदद भी की जाती है।

17 जून को मुसलमानों का कौन सा त्यौहार है?

कई वर्षों में चंद्र कैलेंडर के अनुसार जून महीने में ईद-उल-अजहा या बकरीद मनाई जा सकती है। इस्लामी त्योहारों की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है, इसलिए हर साल अंग्रेजी कैलेंडर में तारीख बदल जाती है। इस दिन मुस्लिम समुदाय विशेष नमाज अदा करता है और कुर्बानी की परंपरा निभाई जाती है। अलग-अलग देशों में तारीख एक दिन आगे-पीछे भी हो सकती है।

बकरीद का दूसरा नाम क्या है?

बकरीद को ईद-उल-अजहा भी कहा जाता है। इसे “कुर्बानी का त्योहार” के रूप में जाना जाता है। यह इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है और दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाया जाता है। त्योहार का मुख्य संदेश त्याग, दया और जरूरतमंदों की सहायता करना माना जाता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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