Tirupati : श्री वेदनारायण स्वामी मंदिर का वार्षिक ब्रह्मोत्सव 1 से 9 मई तक

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ब्रह्मोत्सव
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तिरुपति। नागलापुरम स्थित श्री वेदनारायणस्वामी और श्री वेदवल्ली अम्मावरु मंदिर (Sri Vedavalli Ammavaru Temple) के वार्षिक ब्रह्मोत्सव इस वर्ष 1 मई से 9 मई तक भव्य रूप से आयोजित किए जाएंगे। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी ) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार उत्सव की शुरुआत 30 अप्रैल की शाम को अंकुरार्पणम से होगी, जबकि 28 अप्रैल को कोइल आलवार तिरुमंजनम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उत्सव (Utasava) के दौरान प्रतिदिन सुबह 8:00 से 9:30 बजे और रात 7:30 से 9:00 बजे तक विभिन्न वाहन सेवाएं संपन्न होंगी। 1 मई को प्रातः ध्वजारोहण (मेष लग्न में 5:30 से 6:30 बजे) के साथ ब्रह्मोत्सव की शुरुआत होगी, जबकि रात्रि में बड़ी शेष वाहन सेवा आयोजित की जाएगी।

ब्रह्मोत्सव का होगा समापन

इसके बाद 2 मई को छोटी शेष वाहन और हंस वाहन, 3 मई को सिंह वाहन और मुथ्यापु पंडिरी वाहन, 4 मई को कल्पवृक्ष वाहन और सर्वभूपाल वाहन, 5 मई को मोहिनी अवतार और गरुड़ वाहन, 6 मई को हनुमंत वाहन और गज वाहन, 7 मई को सूर्य प्रभा और चंद्र प्रभा वाहन सेवाएं होंगी। 8 मई को सुबह रथोत्सव (6:00 से 10:30 बजे) और शाम को आर्जित कल्याणोत्सव (4:30 से 6:30 बजे) के साथ अश्व वाहन सेवा आयोजित होगी। 9 मई को चक्रस्नानम (11:30 से 11:45 बजे) और रात में ध्वजावरोहण (7:30 से 8:00 बजे) के साथ ब्रह्मोत्सव का समापन होगा। इस अवसर पर टीटीडी के तहत हिन्दू धर्म प्रचार परिषद, अन्नमाचार्य प्रोजेक्ट और दास साहित्य प्रोजेक्ट की ओर से हरिकथा, संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन और कोलाटम का प्रतिदिन आयोजन किया जाएगा।

ब्रह्मोत्सव क्या है?

धार्मिक परंपरा में मनाया जाने वाला एक भव्य उत्सव है, जो विशेष रूप से भगवान विष्णु के अवतारों को समर्पित होता है। इसमें कई दिनों तक पूजा, शोभायात्रा और विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। ब्रह्मोत्सव को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। यह उत्सव आध्यात्मिक आस्था और भक्ति का प्रतीक होता है।

ब्रह्मा उत्सव किस राज्य में मनाया जाता है?

आंध्र प्रदेश में यह उत्सव विशेष रूप से प्रसिद्ध है। आंध्र प्रदेश के तिरुमला क्षेत्र में इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल होते हैं। हालांकि देश के अन्य मंदिरों में भी यह उत्सव मनाया जाता है, लेकिन तिरुमला का ब्रह्मोत्सव सबसे अधिक प्रसिद्ध है।

तिरुपति तिरुमाला उत्सव कब मनाया जाता है?

हर वर्ष सितंबर या अक्टूबर महीने में यह प्रमुख उत्सव आयोजित किया जाता है। तिरुमला ब्रह्मोत्सव की अवधि लगभग 9 दिनों की होती है। इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा, रथ यात्रा और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। यह समय सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला होता है, क्योंकि लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

वार्षिक उत्सव का क्या अर्थ है?

किसी विशेष अवसर या परंपरा के तहत हर वर्ष आयोजित होने वाले समारोह को वार्षिक उत्सव कहा जाता है। इसमें धार्मिक, सांस्कृतिक या सामाजिक कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। यह किसी संस्था, मंदिर या समुदाय द्वारा नियमित रूप से मनाया जाता है। ऐसे उत्सव लोगों को एकजुट करने, परंपराओं को जीवित रखने और उत्साह व आनंद का वातावरण बनाने का काम करते हैं।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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