हैदराबाद। तेलंगाना राज्य पुलिस विभाग द्वारा प्रतिष्ठित रूप से शुरू किए गए ‘अराइव अलाइव (Arrive Alive)’ रोड सेफ्टी अभियान को आज साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत सभी कानून-व्यवस्था एवं ट्रैफिक पुलिस स्टेशनों की सीमाओं में आयोजित किया गया। यह अभियान 13 जनवरी से 24 जनवरी तक पूरे राज्य में जारी रहेगा। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और जनता में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। माधापुर स्थित माइंडस्पेस में आयोजित कार्यक्रम में माधापुर ट्रैफिक डीसीपी (Traffic DCP) साई मनोहर ने कहा कि यदि आप सुरक्षित रूप से अपने घर पहुँचते हैं तो आपका परिवार खुश रहता है—यही ‘अराइव अलाइव’ का मुख्य उद्देश्य है।
मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं अधिकतर सड़क दुर्घटनाएँ
उन्होंने बताया कि अधिकतर सड़क दुर्घटनाएँ मानवीय त्रुटियों के कारण होती हैं। तेज़ रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत दिशा में ड्राइविंग करना और मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने जैसी वजहों से कई परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रत्येक वाहन चालक अनिवार्य रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करे तथा गति सीमाओं सहित सभी ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करे, तो दुर्घटनाओं की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
साइबराबाद का अर्थ क्या है?
मतलब है साइबर सुरक्षा और आईटी क्षेत्रों से संबंधित क्षेत्र, जो हैदराबाद और उसके आसपास आईटी कंपनियों और तकनीकी विकास के लिए विकसित किया गया है। यह नाम आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुरक्षा के प्रतीक के रूप में रखा गया है।
साइबराबाद का निर्माण किसने किया था?
कमिश्नरी की स्थापना तेलंगाना सरकार और हैदराबाद पुलिस के संयुक्त प्रयास से 2003 में की गई थी। इसका उद्देश्य आईटी क्षेत्र और नागरिकों को साइबर अपराध से सुरक्षा प्रदान करना और डिजिटल अपराधों की रोकथाम करना था।
साइबराबाद कमिश्नरी में कितने जोन हैं?
कमिश्नरी को चार जोनों में विभाजित किया गया है: वेस्ट, ईस्ट, नॉर्थ और साउथ जोन। प्रत्येक जोन में अलग-अलग पुलिस स्टेशन और टीम साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम के लिए काम करती हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :