Mancherial : महालक्ष्मी योजना के कारण ऑटो-रिक्शा चालक संकट में

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ऑटो-रिक्शा चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं

मंचेरियल। विश्व ऑटो-रिक्शा दिवस (World Auto-Rickshaw Day) शुक्रवार को मनाया गया। इस अवसर पर ऑटो-रिक्शा चालक राज्य जेएसी अध्यक्ष जी मुकेश गौड़ ने केक काटा। मुकेश ने कहा कि कई युवाओं, यहाँ तक कि स्नातकों और पेशेवरों के पास भी आजीविका कमाने के लिए ऑटो-रिक्शा चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी योजना ने ड्राइवरों (Drivers) के व्यवसाय को प्रभावित करके उनके जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लागू होने के बाद से आर्थिक तंगी से परेशान होकर 80 ड्राइवरों ने आत्महत्या कर ली है

ड्राइवरों को 12,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता

अध्यक्ष ने खेद व्यक्त किया कि अब तक न तो मंत्रियों और न ही विधायकों ने ड्राइवरों की मौतों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार ड्राइवरों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित करके एक निगम बनाए। उन्होंने ड्राइवरों को 12,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता और इंदिराम्मा आवास योजना के तहत 50 प्रतिशत मकान आवंटित करने की भी मांग की। उन्होंने कार्यक्रम में अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ 120 वरिष्ठ ड्राइवरों को शॉल देकर सम्मानित किया। नेता बेलमकोंडा मुरलीधर, पोट्टा मधुकर, कट्टा रामकुमार, कालूवाला अंजैया, मोय्या रामबाबू, संपत कुमार, एमडी शफी, श्रीनिवास और अन्य उपस्थित थे।

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महालक्ष्मी योजना क्या है?

तेलंगाना सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई महालक्ष्मी योजना एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसके अंतर्गत पात्र महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे वे अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

लाड़ली लक्ष्मी योजना कब प्रारंभ हुई थी?

लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2007 को की थी। इसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और विवाह तक आर्थिक सहायता देना है, ताकि बेटियों को बोझ नहीं बल्कि भविष्य की संपत्ति समझा जाए।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना क्या है?

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना तेलंगाना सरकार की एक नई पहल है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रत्येक माह 2,500 रुपये, रसोई गैस सिलेंडर ₹500 में, और मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार करना है।

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